NDTV Khabar

अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'

आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने देशभर के लिए अपना दौरा शुरू कर दिया है.

22 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'

अमित शाह तीन दिन के दौरे पर भोपाल पहुंचे और वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. बीजेपी अभी से 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है
  2. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनावों के लिए तैयार किया मिशन 350+
  3. अमित शाह ने चुनावी तैयारियों के लिए शुरू किया तूफानी दौरा
भोपाल: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 2019 के आम चुनावों को लेकर मिशन 350+ में पूरी तरह जुट गए हैं. चुनावी तैयारी को लेकर उनका  देशभर के लिए तुफानी दौरा शुरू हो चुका है. खासबात यह है कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह अपनी रणनीति को लेकर बेहद सजग हैं. मिशन 350+ को लेकर उन्होंने क्या ब्लू प्रिंट तैयार किया है और अपने कार्यकर्ताओं को वे क्या गुर सिखा रहे हैं, इसे उन्होंने बेहद गोपनीय रखा है. 

यह भी पढ़ें: क्या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को खुश कर पाएंगे मध्यप्रदेश नगर निकाय चुनाव के नतीजे?

भोपाल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में उनहोंने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि बैठकों की बात बाहर लीक नहीं होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से मीडिया से दूरी बनाकर रखने को कहा है. 

यह भी पढ़ें: गोरखपुर में बच्चों की मौत पर बोले अमित शाह, देश में पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे

तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भोपाल पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पहली ही बैठक में साफ कह दिया कि 'अंदर की बात बाहर नहीं जानी चाहिए.' यानी मीडिया से दूरी बनाए रखनी है.

VIDEO:लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बीजेपी ने तय किया मिशन 350+
पार्टी दफ्तर पहुंचने के बाद उनकी पहली बैठक पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों, कोर ग्रुप के सदस्यों, प्रदेश प्रवक्ता, संगठन पदाधिकारी और मोर्चा पदाधिकारी के साथ हुई. इस बैठक में उन्होंने अपने तल्ख तेवर दिखाए और कहा, "इस बैठक में जो बात हो रही है, वह बाहर नहीं जानी चाहिए."

सूत्रों के मुताबिक, शाह ने स्वागत और भाषण की लंबी प्रक्रिया पर साफ नाराजगी जताई. बैठक से बाहर निकले कई नेताओं से संवाददाताओं ने जब बैठक का ब्यौरा चाहा, तो उन्होंने साफ कहा कि उनसे कहा गया है कि बैठक की बात बाहर नहीं जानी चाहिए. लिहाजा, वे कुछ भी नहीं बताएंगे. एक पदाधिकारी तो यहां तक कह गया, "मैं छोटा नेता हूं, मुझे क्यों मरवाते हो."

 (इनपुट आईएएनएस से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement