एमनेस्टी इंडिया के बेंगलुरु और दिल्ली दफ्तर पर CBI की रेड, FCRA के उल्लंघन का मामला

मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty International India) ग्रुप के दिल्ली और बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित दफ्तरों पर शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छापा मारा.

एमनेस्टी इंडिया के बेंगलुरु और दिल्ली दफ्तर पर CBI की रेड, FCRA के उल्लंघन का मामला

एमनेस्टी इंडिया के बेंगलुरु और दिल्ली दफ्तर पर CBI की रेड.

नई दिल्ली/बेंगलुरु:

मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty International India) ग्रुप के दिल्ली और बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित दफ्तरों पर शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छापा मारा. सीबीआई की यह रेड विदेशी सहायता नियमन अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन को लेकर हुई है. सीबीआई की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए, समूह ने कहा कि उसे देश में मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ बोलने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बयान जारी कर कहा है कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है. उसने यह भी आरोप लगायाकि यह कार्रवाई उसे परेशान करने के लिए की गई है.

मानवाधिकार निगरानी संस्था ने एक बयान में कहा, 'पिछले एक वर्ष के दौरान उत्पीड़न का एक स्वरूप उभरा है, जब भी एमनेस्टी इंडिया भारत में मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ खड़ा हुआ है और बोला है.' उसने कहा कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण पालन करता है. भारत में और अन्य स्थान पर हमारा काम सार्वभौमिक मानवाधिकार को बरकरार रखना और उसके लिए संघर्ष करना है. उसने कहा कि ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जो कि भारतीय संविधान में निहित हैं और बहुलवाद, सहिष्णुता और असहमति की एक लंबी और समृद्ध भारतीय परंपरा से प्रवाहित होते हैं.

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बता दें कि इससे पहले बीते साल अक्टूबर महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) के कार्यालय पर छापेमारी की थी. ईडी ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के खिलाफ विदेशी मुद्रा विनिमय के धोखाधड़ी के एक मामले में उसके दो ठिकानों पर तलाशी ली थी. अधिकारियों ने कहा था कि विदेश मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत केंद्रीय जांच एजेंसी ने दस्तावेजों की तलाशी ली.

(इनपुट: ANI और भाषा से भी)