लोकपाल विधेयक पारित करें या विरोध झेलें : अन्ना

लोकपाल विधेयक पारित करें या विरोध झेलें : अन्ना

खास बातें

  • सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जन लोकपाल विधेयक को लेकर 'धोखा' करने का आरोप लगाते हुए रविवार को चेतावनी दी कि यदि विधेयक वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले पारित नहीं किया गया तो वह फिर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
नई दिल्ली:

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जन लोकपाल विधेयक को लेकर 'धोखा' करने का आरोप लगाते हुए रविवार को चेतावनी दी कि यदि विधेयक वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले पारित नहीं किया गया तो वह फिर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

दक्षिणी दिल्ली के सर्वोदय एनक्लेव में अपने नए दफ्तर का उद्घाटन करते हुए अन्ना हजारे ने कहा, "यदि जन लोकपाल विधेयक 2014 के आम चुनाव से पहले पारित नहीं होता है तो हम रामलीला मैदान में एक और रैली करेंगे।"

70 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक संसद में पारित कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अपना वादा पूरा नहीं कर उन्होंने उनके साथ धोखा किया।

अन्ना ने कहा, "जन लोकपाल विधेयक के लिए हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इसे पारित नहीं कर देती। मैं देशभर में अभियान चलाऊंगा और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की कोशिश करूंगा। मैं परिवर्तन लाने की कोशिश करूंगा।"
राजनेताओं पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, "देश में नेतृत्व का अभाव है।"

अन्ना ने कहा, "समय आ गया है कि हम घर-घर जाकर भ्रष्टाचार के विरोध में लोगों को जागरूक करें। हमें देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए काम करना होगा।"

अन्ना हजारे ने शनिवार को अपनी 15 सदस्यीय नई टीम की घोषणा करते हुए 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू करने का वादा किया था। उन्होंने कहा, "गांधीजी ने कहा था कि देश को बदलने के लिए हमें सबसे पहले अपने गांवों को बदलने की जरूरत है। इसी से विकास होगा। यदि लोगों को पैसे से बदला जा सकता तो टाटा और बिड़ला ने ऐसा कर लिया होता।"

अन्ना के एक सहयोगी ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के सर्वोदय एनक्लेव में नए दफ्तर के लिए कमरा एक स्वयंसेवी से किराये पर लिया गया है।

ज्ञात हो कि 19 सितम्बर को टीम अन्ना को भंग कर दिया गया था और अन्ना ने अरविंद केजरीवाल से अपना रास्ता अलग कर लिया था।

अन्ना ने रविवार को कहा कि वह और केजरीवाल एक ही मंजिल के अलग-अलग राही हैं। दोनों का साझा लक्ष्य है- भ्रष्टाचार मुक्त भारत। उन्होंने कहा, "केजरीवाल जिस रास्ते पर चल रहे हैं उस में मेरा विश्वास नहीं है।"

इस बीच, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व  अधिकारी और नई टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि आंदोलन के लिए दान स्वीकार करने के लिए तीन खाते खुलवाए जाएंगे। एक खाता उनके नाम से, दूसरा सुनीता गोदारा और तीसरा लेफ्टिनेंट कर्नल बृजेंदर खोखर के नाम से होगा।

किरण बेदी ने संवाददाताओं से कहा, "लोग दान स्वरूप चेक या ड्राफ्ट इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के नाम से दे सकते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया, "आईएसी का नाम हमारे साथ जुड़ा रहेगा। अरविंद केजरीवाल का संगठन पब्लिक काउज रिसर्च फाउंडेशन (पीसीआरएफ) है।"

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बेदी ने ट्विटर पर लिखा, "टीम अन्ना 2.0 वैसा ही आंदोलन जारी रखेगी।"

केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि यदि अन्ना उनसे कहेंगे तो वह 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम का उपयोग नहीं करेंगे।