कृषि सुधार के विधेयकों को लेकर घमासान के बीच फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान

सरकार ने एमएसपी में 50 रुपये से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि कर दी, किसानों से उनके अनाज की खरीदी एफसीआई व अन्य सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर करेंगी

कृषि सुधार के विधेयकों को लेकर घमासान के बीच फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

कृषि सुधार (Agriculture Reform) को लेकर राज्यसभा (Rajya Sabha) में पारित विधेयकों को लेकर जारी घमासान के बीच केंद्र सरकार रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर दिया है. सरकार ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए किसानों को मनाने के लिए रबी फसलों की एमएसपी एक माह पहले ही घोषित कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी. केंद्र सरकार के नई एमएसपी को मंजूरी देने के तुरंत बाद लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसका ऐलान किया. सरकार ने एमएसपी में 50 रुपये से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि कर दी है. किसानों से उनके अनाज की खदीगी एफसीआई व अन्य सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर करेंगी.

केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करके 1975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया. कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) की व्यवस्था बनी रहेगी, सरकारी खरीद होती रहेगी और इसके साथ किसान जहां चाहें अपने उत्पाद बेच सकेंगे.''

कृषि मंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब रविवार को संसद में पारित कृषि संबंधी दो विधेयकों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और देश के कुछ अन्य स्थानों पर किसान समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. संसद ने रविवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी.

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सीसीईए ने छह रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि करने को मंजूरी प्रदान की है. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1975 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है.  कांग्रेस के कुछ सदस्य इस पर कृषि मंत्री से स्पष्टीकरण चाह रहे थे लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी.

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तोमर ने कहा कि रबी मौसम के लिए चने की एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और यह बढ़कर 5100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है और यह 5100 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. उन्होंने बताया कि सरसों के एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और यह बढ़कर 4650 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. जौ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 75 रुपये की वृद्धि के बाद यह 1600 रुपये प्रति क्विंटल और कुसुम के एमएसपी में 112 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ यह 5327 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है.

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कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया और वर्ष 2019-19 के बजट में उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुणा एमएसपी करने की घोषणा की थी. तब से केंद्र सरकार एमएसपी की घोषणा अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर लगातार कर रही है. उन्होंने कहा कि एमएसपी, कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) की व्यवस्था बनी रहेगी, सरकारी खरीद होती रहेगी. इसी संबंध में आज सरकार ने एमएसपी जारी की है.
(इनपुट भाषा से भी)