वायुसेना की बढ़ी ताकत, चीन से सटी सीमा के पास एक और एयरबेस हुआ ऑपरेशनल 

इसके ऑपरेशनल होने से इस बेस से केवल ट्रांसपोर्ट विमान ही नही बल्कि जगुआर , मिराज 2000 और सुखोई जैसे लड़ाकू विमान भी उड़ान भर सकेंगे.

वायुसेना की बढ़ी ताकत, चीन से सटी सीमा के पास एक और एयरबेस हुआ ऑपरेशनल 

कई सालों से बंद था यह एयरबेस

नई दिल्ली:

चीन से लगी सीमा के पास भारतीय वायुसेना का एक और एयरबेस ऑपरेशनल हो गया. अरुणाचल के विजयनगर एडवांस लौडिंग ग्राउंड पर वायुसेना का ट्रांसपोर्ट विमान एएन 32 विमान उतारा गया. पूर्वी वायुसेना कमान के एयर मार्शल आरडी माथुर और सेना के पूर्वी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने 2016 से बंद पड़ी इस एएलजी का उद्धघाटन किया. इसके ऑपरेशनल होने से इस बेस से केवल ट्रांसपोर्ट विमान ही नही बल्कि जगुआर , मिराज 2000 और सुखोई जैसे लड़ाकू विमान भी उड़ान भर सकेंगे. इसके साथ स्थानीय लोगों को भी काफी लाभ पहुंचेगा. ऐसा इसलिए भी क्योंकि यह एक ऐसा इलाका है जहां तक कोई सड़क भी नही पहुंचती है. 

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इस बेस को फिर से ऑपरेशनल करने का काम कितना मुश्किल रहा होगा इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां रिपेयर के काम के लिए सारा समान हेलीकॉपटर से एयरलिफ्ट करके लाया था. खास बात यह है कि इस लैडिंग ग्राउंड को तौयार करने में आसपास के 11 गांव के लोगों ने भी श्रमदान किया है. वायुसेना के अनुसार इस एयरबेस के  ऑपरेशनल होने के बाद अब चीन की सीमा पर मौजूद सभी आठ एडवांस लैडिंग ग्राउंड फिर से चालू हो गये है जो 1962 के बाद से बंद थे. इन्हें शुरू करने को लेकर 2013 से काम शुरू किया गया जो अब जाकर पूरा हुआ. बता दें कि रणनीतिक नजरिये से ये काफी अहम है क्योंकि ये बेस चीन और म्यानमांर के सीमा के काफी करीब है. 

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