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मेहुल चौकसी को वापस भेजने के अनुरोध पर विचार करेगी एंटीगुआ सरकार 

अखबार डेयली ऑब्जर्वर ने गुरुवार को चीफ ऑफ स्टाफ लियोनल मैक्स हर्स्ट द्वारा जारी मंत्रिमंडल की प्रेस ब्रीफिंग को उद्धृत किया.

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मेहुल चौकसी को वापस भेजने के अनुरोध पर विचार करेगी एंटीगुआ सरकार 

मेहुल चौकसी पर बढ़ी सख्ती

खास बातें

  1. भारत सरकार ने किया था अनुरोध
  2. कुछ समय पहले ही एटीगुआ की नागरिकता ली है चौकसी ने
  3. भारत में बैंकों से ठगी करने का आरोप है
नई दिल्ली: एंटीगुआ के एक अखबार की खबर के मुताबिक वहां की सरकार ने संकेत दिया है कि वह भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी को भारत वापस भेजने के अनुरोध पर विचार कर सकता है. गौरतलब है कि चौकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है. अखबार डेयली ऑब्जर्वर ने गुरुवार को चीफ ऑफ स्टाफ लियोनल मैक्स हर्स्ट द्वारा जारी मंत्रिमंडल की प्रेस ब्रीफिंग को उद्धृत किया. इसमें कहा गया है कि एंटीगुआ और बारबूडा सरकार भारत की तरफ से किये गए वैध अनुरोध का कानून के मुताबिक सम्मान करने के लिये हर संभव प्रयास करेगा. अखबार ने कहा कि भारत में हजारों करोड़ के बैंक घोटाले के आरोपी भगोड़े चौकसी के पिछले साल नवंबर में एंटीगुआ की नागरिकता हासिल करने के मुद्दे पर एंटीगुआ और बारबूडा सरकार की कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई.

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अखबार ने कहा कि चौकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की सीबीआई की अर्जी इंटरपोल के पास लंबित है और उम्मीद है कि इसे जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. मंत्रिमंडल ने इस बात को रेखांकित किया कि उनकी भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है और चौकसी पर किसी अपराध के लिये मामला दर्ज नहीं है. अखबार ने यह भी कहा कि कैबिनेट ने इस बात पर भी संज्ञान लिया कि एंटीगुआ और बारबूडा सरकार से चौकसी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का कोई अनुरोध नहीं किया गया है.

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गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में गैरजमानती वारंट जारी किया था. अदालत ने यह वारंट सीबीआई के अनुरोध पर जारी किया है. इसके पहले दोनों ने घोटाले से संबंधित जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया था.इस बीच, सीबीआई उन भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के अधिकारियों से पूछताछ जारी रखे हुए है, जिन्होंने पीएनबी द्वारा जारी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के आधार पर मोदी और चोकसी की कंपनियों को कथित ऋण दिए थे.

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सीबीआई ने कहा था कि इलाहाबाद बैंक की हांगकांग शाखा में विदेशी मुद्रा के लेनदेन को देखने वाले अधिकारी को हांगकांग से तलब किया गया था और उससे पूछताछ जारी है.अदालत से गैरजमानती वारंट जारी होने से दोनों आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का रास्ता भी खुल गया है. इसके पहले नीरव मोदी और चोकसी के खिलाफ सीबीआई ने एक लुकआउट नोटिस जारी किया था. हालांकि मोदी अपने परिवार के साथ नोटिस जारी होने से पहले ही भारत छोड़ चुका था.(इनपुट भाषा से) 


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