'आपराधिक अवमानना केस में अपील को बड़ी बेंच देखे', प्रशांत भूषण ने SC दाखिल की रिट याचिका

इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है. 

'आपराधिक अवमानना केस में अपील को बड़ी बेंच देखे', प्रशांत भूषण ने SC दाखिल की रिट याचिका

नई दिल्ली:

Prashant Bhushan Contempt Case: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को एक रिट याचिका दायर की गई. इस याचिका में मांग की गई है कि मूल आपराधिक अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ अपील का अधिकार एक बड़ी और अलग पीठ द्वारा सुना जाए. यह याचिका वकील कामिनी जायसवाल के माध्यम से दायर की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है. 

याचिका में कहा गया है कि यह गलत सजा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा और वास्तव में बचाव के रूप में सत्य के प्रावधान को सक्षम करेगा.

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बता दें कि 3 अगस्त को प्रशांत भूषण के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले पर फैसला सुनाते हुए एक रुपये का जुर्माना लगाया था. फैसले के अनुसार 15 सितंबर तक जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में 3 महीने की जेल हो सकती है और तीन साल के लिए उन्हें वकालत से निलंबित भी किया जा सकता है.

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63 वर्षीय प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने यह कहते हुए पीछे हटने या माफी मांगने से इनकार कर दिया कि यह उनकी अंतरात्मा और न्यायालय की अवमानना होगी. उनके वकील ने तर्क दिया है कि अदालत को प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) की अत्यधिक आलोचना झेलनी चाहिए क्योंकि अदालत के "कंधे इस बोझ को उठाने के लिए काफी हैं." 

अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ अपील को लेकर प्रशांत भूषण ने SC में दायर की याचिका

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