मनोज सिन्हा को बतौर LG जम्मू-कश्मीर भेजकर केंद्र ने क्या इशारे दिए हैं?

माना जा रहा है कि मनोज सिन्हा को नियुक्त कर केंद्र संदेश देना चाहता है कि वो साल भर से 'बंद पड़े' जम्मू-कश्मीर में अपनी राजनीतिक हलचल शुरू करना चाहता है. 

मनोज सिन्हा को बतौर LG जम्मू-कश्मीर भेजकर केंद्र ने क्या इशारे दिए हैं?

मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप-राज्यपाल चुना गया है. (फाइल फोटो)

श्रीनगर:

5 अगस्त, 2020 जम्मू-कश्मीर में एक नया राजनीतिक बदलाव लेकर आया है. जम्मू-कश्मीर को नया उप-राज्यपाल मिल गया है. माना जा रहा है कि मनोज सिन्हा को नियुक्त कर केंद्र संदेश देना चाहता है कि वो साल भर से 'बंद पड़े' जम्मू-कश्मीर में अपनी राजनीतिक हलचल शुरू करना चाहता है. साल भर पुराने केंद्रशासित प्रदेश को मनोज सिन्हा के रूप में नए एलजी मिले हैं, जो लंबे अरसे से राजनीति से जुड़े हुए हैं और पिछली मोदी सरकार में मंत्री भी थे. मौजूदा एलजी जीसी मुर्मू गवर्नर हाउस से एक तरफ़ दिल्ली के लिए रवाना हुए, वहीं नए एलजी सिन्हा अपना कार्यभार संभालने श्रीनगर पहुंच गए हैं.

NDTV को जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से दिल्ली आने के बाद सिन्हा को फोन करके बताया कि गुरूवार को उन्हें कश्मीर जाना है और एलजी का कार्यभार संभालना है. इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के एलजी जीसी मुर्मू को पहले ही बता चुके थे कि उन्हें अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रपति भवन भेजना है.

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दरसल, यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि मुर्मू को नया CAG (Comptroller and Auditor General) बनाया जा रहा है. मौजूदा CAG राजीव महर्षि 8 अगस्त को 65 साल की उम्र में रिटायर हो रहे हैं.

मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के पुराने नेता हैं. वह पूर्वांचल के ग़ाज़ीपुर से सांसद रह चुके हैं और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का बड़ा चेहरा हैं. हालांकि, सिन्हा 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे, इसलिए उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी. सिन्हा की नियुक्ति साफ संदेश है कि केंद्र जम्मू कश्मीर में राजनीतिक हलचल दुबारा शुरू करवाना चाहता है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने 5 अगस्त को श्रीनगर में अपने निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक में कई मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया था, लेकिन बैठक नहीं हो पाई क्योंकि नेताओं के घरों के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा था और किसी को बैठक में जाने की इजाज़त नहीं मिली लेकिन सरकारी सूत्रों से संकेत मिल रहे हैं कि ये हालात बदलेंगे और सियासी पार्टियों के नेता जल्द एक दूसरे से मिल सकेंगे.

Video: मनोज सिन्हा बनाए गए जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल

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