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सिग्नल नहीं मिला तो पेड़ पर चढ़ गए मोदी सरकार के मंत्री, जानें फिर क्या हुआ

हुआ यूं कि मंत्रीजी बीकानेर के ढोलिया गांव के दौरे पर थे, वहां के लोगों ने शिकायत की कि उनके अस्पताल में नर्स नहीं हैं. इसके बाद उन्होंने फोन लगाया तो सिग्नल नहीं मिला.

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खास बातें

  1. बीकानेर के ढोलिया गांव के दौरे पर थे मेघवाल
  2. सीढ़ी के सहारे चढ़ गए थे मंत्री
  3. डिजिटल इंडिया के दावों पर प्रश्न उठा
जयपुर: डिजिटल इंडिया की हर तरफ धूम है, लेकिन असलियत क्या है इसका आइना केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने अपनी ही सरकार को दिखा दिया. हुआ यूं कि मंत्रीजी बीकानेर के ढोलिया गांव के दौरे पर थे, वहां के लोगों ने शिकायत की कि उनके अस्पताल में नर्स नहीं हैं. अर्जुन मेघवाल ने तुरंत अपना मोबाइल निकाल कर बीकानेर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल का सिग्नल ही गुल था. गांववालों ने कहा कि पेड़ पर चढ़ने से सिग्नल मिल सकता है इसलिए मंत्रीजी के लिए सीढ़ी मंगवाई गई. सीढ़ी को पेड़ के सहारे रखा गया और उस पर चढ़ कर अर्जुन मेघवाल ने निर्देश दिए कि अस्पताल में नर्स नियुक्त की जाए. इससे पता चलता है कि डिजिटल इंडिया के भले ऊंचे-ऊंचे दावे किए जा रहे हों, लेकिन कई जगह बिना ऊंचे पेड़ पर चढ़े उसमें शामिल होना आसान नहीं है.

अर्जुन मेघवाल वही नेता हैं जो पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए साइकिल से ही संसद जाते रहे हैं. दलित वर्ग से जुड़े मेघवाल की पहचान तेजतर्रार नेता के रूप में है. पर्यावरण संरक्षण के हितैषी मेघवाल को अक्सर साइकिल से संसद जाते हुए देखा जा सकता हैं. वह बीकानेर से सांसद हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को मेघवाल ने बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ तक जनरल कोच में यात्रा करते हुए लोगों से रेल सेवाओं के संबंध में सुझाव लिए तथा सुविधाओं के बारे में बातचीत की. इससे पहले भी अर्जुन मेघवाल ने 31 मई को बीकानेर से हनुमानगढ़ तक की यात्रा जनरल कोच में करते हुए आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं.

 


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