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शिलांग में कर्फ्यू के बाद भी कई इलाकों में भड़की हिंसा, सेना ने 500 से ज्यादा लोगों को बचाया

शिलांग में दूसरे दिन भी कुछ हिस्सों में कर्फ्यू जारी रहा. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सेना ने अशांत इलाकों में भी फ्लैग मार्च किया.

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शिलांग में कर्फ्यू के बाद भी कई इलाकों में भड़की हिंसा, सेना ने 500 से ज्यादा लोगों को बचाया

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. दूसरे दिन भी कई इलाकों में जारी रहा तनाव
  2. हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना ने किया मार्च
  3. गुरुवार रात से शिलांग में भड़की है हिंसा
नई दिल्ली: शिलांग में हालात पर काबू पाने के लिए शनिवार को सेना ने शहर में मोर्चा संभाला. हालांकि कई इलाकों में कर्फ्यू के बाद भी हिंसा भड़की. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने एक दुकान और एक मकान को आग के हवाले कर दिया और कम से कम पांच वाहनों को क्षति भी पहुंचाई. हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के भी घायल होने की खबर है. इन सब के बीच सेना ने 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला और कैंट इलाके में पहुंचाया है. रक्षा विभाग के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना से आग्रह किया कि प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च करें. अभी तक सेना ने प्रभावित इलाकों से 500 लोगों को बाहर सुरक्षित निकाला है इनमें 200 महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.  

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उन्होंने बताया  कि बचाए गए लोगों को भोजन और पानी दिया गया है और सेना की छावनी में ही रखा गया है. वहीं सेना की छावनी में 101 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डी एस आहूजा ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की. ड्यूटी पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (शहर) स्टीफन रिंजा पर एक छड़ से वार किया गया जिसके बाद उन्हें शिलांग के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हिंसा में पुलिसकर्मी समेत कम से कम 10 लोग घायल हो गए जिसके बाद इलाके में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी. वहीं शहर के अशांत मोटफ्रन इलाके में पथराव करने वालों ने राज्य पुलिसकर्मियों पर हमला किया.

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अधिकारी ने बताया कि दंगाइयों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए लेकिन दूसरे हिस्से के लोगों ने इसे पुलिस की गोलीबारी समझ लिया. गौरतलब है कि गुरुवार को थेम मेटोर इलाके में स्थानीय लोगों के एक समूह ने बस के एक सहायक से  मारपीट की थी जिसके बाद झड़प शुरू हो गई. अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प ने तब और उग्र रूप ले लिया जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि घायल सहायक की मौत हो गई जिससे थेम मेटोर में बस चालकों का समूह इकट्ठा हो गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. बस सहायक और तीन अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. पूर्वी खासी हिल्स के जिला अधिकारियों ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में कल रात 10 बजे से सुबह के पांच बजे तक कर्फ्यू लगाया गया. उन्होंने बताया कि तीन स्थानीय लड़कों के साथ हुई मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की तलाश की जा रही है.

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अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को शनिवार को भी निलंबित रखा गया है. राज्य सरकार इसपर आज दोपहर तक फैसला लेगी. जिले के उपायुक्त पीएस दकहर ने बताया कि लुमदियेंगज्री पुलिस थाना और कैंटोनमेंट बीट हाउस क्षेत्र के तहत आने वाले 14 इलाकों में कल सुबह चार बजे से लगाया गया कर्फ्यू अब भी जारी है. मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कल एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और शिलांग में स्थिति सामान्य बनाने की अपील की.

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VIDEO: संघर्ष विराम के दौरान बढ़ी हिंसा.


इस बीच खासी छात्र संघ (केएसयू), फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपुल (एफकेजेजीपी) और हनीट्रेप यूथ काउंसिल ने स्थानीय लड़कों के साथ मारपीट में शामिल लोगों को सजा दिलाने और थेम मेटोर में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने की मांग की. 


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