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अरविंद केजरीवाल ने फिर लगाया केंद्र पर आरोप, बोले- आपकी दुश्मनी हमसे, जनता से बदला मत लो

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि केंद्र पिछले 10 दिनों से फाइल दबाए हुए है. इस वजह से दिल्ली सरकार की कई गतिविधियां थम गई हैं.

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अरविंद केजरीवाल ने फिर लगाया केंद्र पर आरोप, बोले- आपकी दुश्मनी हमसे, जनता से बदला मत लो

अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर आरोप

खास बातें

  1. अरविंद केजरीवाल ने रात में दिया विधायकों को भोज
  2. कपिल मिश्रा लगातार लगा रहे हैं अरविंद केजरीवाल पर आरोप
  3. नए मंत्रियों की नियुक्ति से जुड़ी फाइल को लेकर लगाया आरोप
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के दो नए मंत्रियों की नियुक्ति संबंधी फाइल दबाने को लेकर केंद्र सरकार को फटकारा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार की गतिविधियों को रोक रही है. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि केंद्र पिछले 10 दिनों से फाइल दबाए हुए है. इस वजह से दिल्ली सरकार की कई गतिविधियां थम गई है. आपकी दुश्मनी हमारे साथ है, दिल्ली के लोगों के साथ बदला मत लीजिए. इस मामले पर मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट किया है-दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो. आप के नेता आशुतोष ने भी ट्वीट किया है कि केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है. मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं. इससे पूर्व मंगलवार को पार्टी में दरार की अटकलों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप के सभी विधायकों और उनके परिवार के लोगों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया. पार्टी विधायकों ने रात्रि भोज को मुख्यमंत्री की तरफ से आयोजित सामान्य स्नेह मिलन समारोह बताया, लेकिन कहा कि नेतृत्व संदेश देना चाहता है कि सभी विधायकों से अच्छे संपर्क हैं. समझा जाता है कि विधायकों ने केजरीवाल को अपने समर्थन का संकल्प जताया. बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा के आरोप के बाद यह रात्रि भोज दिया गया है. मिश्रा ने आरोप लगाए थे कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को दो करोड़ रुपये दिए थे.

हाल फिलहाल पिछले 15 दिन से आम आदमी पार्टी एक के बाद एक कई मामलों में उलझी हुई है. एमसीडी चुनाव में मिली पराजय के बाद तो पार्टी लगातार खबरों में है. शुरुआत कुमार विश्वास और  आप विधायक अमानतुल्‍ला खान के विवाद से हुई. अमानतुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि विश्‍वास बीजेपी की शह पर पार्टी को तोड़ना चाहते हैं. विश्‍वास ने इसे अपनी छवि खराब करने का हथकंडा बताया और अमानतुल्‍ला के खिलाफ दंडात्‍मक कार्रवाई की मांग की. तब केजरीवाल के साथ हुए समझौते के अनुसार अमानतुल्‍ला खान को पार्टी के विभिन्‍न पदों से हटा दिया गया, लेकिन साथ ही केजरीवाल के प्रति वफादारी के एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में उन्‍हें दिल्‍ली विधानसभा के कई कमेटियों में शामिल कर लिया गया.


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