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आसाराम ने अपने घृणित अपराध से संतों की छवि खराब की: कोर्ट

एक साल के भीतर यह दूसरा मामला है, जब देश में किसी स्वयंभू बाबा को बलात्कार के अपराध में अदालत ने दोषी करार दिया है.

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आसाराम ने अपने घृणित अपराध से संतों की छवि खराब की: कोर्ट

आसाराम को जोधपुर की कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

खास बातें

  1. अदालत ने कहा है कि ‘संत कहे जाने के ’ बावजूद आसाराम ने घृणित अपराध किया
  2. संतों में लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है: कोर्ट
  3. विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने 453 पन्नों के अपने फैसले में ये बात कही
नई दिल्ली:

आसाराम को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाने वाली जोधपुर की एक विशेष ‘पॉक्सो’ अदालत ने कहा है कि ‘संत कहे जाने के ’ बावजूद आसाराम ने घृणित अपराध किया और संतों में लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है. एक साल के भीतर यह दूसरा मामला है, जब देश में किसी स्वयंभू बाबा को बलात्कार के अपराध में अदालत ने दोषी करार दिया है.

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यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अदालत के विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने 453 पन्नों के अपने फैसले में इस बात को लेकर दुख जताया कि आसाराम ने अपने घृणित कृत्य से ‘ना केवल अपने अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचायी, बल्कि आम लोगों में संतों की प्रतिष्ठा भी धूमिल की.’ 


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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता के पिता एवं उसके परिवार की आसाराम में आस्था की तरफ इशारा करते हुए कहा , ‘उनके (पीड़िता के पिता) मन में आसाराम के लिए इतना सम्मान था कि उन्होंने अपने बेटे और बेटी, दोनों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के गुरूकुल पढ़ने के लिए भेज दिया था, लेकिन उस ने बुरी शक्तियों के प्रभाव से मुक्त कराने के बहाने पीड़िता को अपने आश्रम बुलाकर उससे बलात्कार किया.’ 

पुलिस ने किसी भी तरह की हिंसा और अप्रिय घटना से निपटने के लिए आसाराम के आश्रमों के आस पास की सुरक्षा बढा दी। पिछले साल अगस्त में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी पाए जाने के बाद उसके समर्थकों ने हिंसा की थी।

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विशेष अदालत ने दो अन्य आरोपियों को भी दोषी करार दिया जबकि दो अन्य को बरी कर दिया. लोक अभियोजक पोकर राम बिश्नोई ने तीनों दोषियों को सजा सुनाये जाने के अदालत के फैसले के बाद संवाददाताओं से कहा,‘आसाराम को आजीवन कारावास की सजा दी गई है जबकि उसके सहयोगियों शरद और शिल्पी को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई.’ बिश्नोई ने कहा कि आसाराम जीवन पर्यंत अर्थात् मृत्यु होने तक जेल में रहेगा और अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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उन्होंने कहा कि अभियोजन ने अधिकतम सजा की मांग की थी. बिश्नोई ने कहा, ‘हमने दलील दी कि आसाराम संत नहीं है और उसने साजिश के तहत पीड़िता को छात्रावास से बुलाकर उसका बलात्कार किया.’ बिश्नोई ने कहा, ‘शरद और शिल्पी भी साजिश का हिस्सा थे.’ भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच सजा पर दलीलें जेल परिसर में दी गईं. राजस्थान उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में फैसला सुनाने का आदेश दिया था.

साबरमती नदी के किनारे एक झोंपड़ी से शुरुआत करने से लेकर देश और दुनियाभर में 400 से अधिक आश्रम बनाने वाले आसाराम ने चार दशक में 10,000 करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया था. आसाराम और चार अन्य सहआरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत छह नवंबर 2013 को पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया था. पीड़िता ने आसाराम पर उसे जोधपुर के नजदीक मनाई इलाके में आश्रम में बुलाने और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था.

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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी. फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा, ‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि न्याय मिला.’उन्होंने कहा कि परिवार लगातार दहशत में जी रहा था और इसका उनके व्यापार पर भी काफी असर पड़ा. फैसले के मद्देनजर जोधपुर जेल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी जहां पहले से निषेधाज्ञा लागू थी.

कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के इरादे से केन्द्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा कड़ी करने और उन्हें अतिरिक्त बल तैनात करने का निर्देश दिया था. तीनों राज्यों में आसाराम के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह परामर्श डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पिछले साल अगस्त में बलात्कार के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा, पंजाब तथा चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के मद्देनजर भेजा गया था। उस समय हुई हिंसा में कई लोग मारे गए थे.

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अदालत ने वर्ष 2002 के बलात्कार के एक मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी. आसाराम मामले में अंतिम सुनवाई सात अप्रैल को पूरी हो गई थी और फैसला 25 अप्रैल के लिए सुरक्षित रखा गया था. आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर एक सितंबर 2013 को जोधपुर लाया गया था और दो सितंबर 2013 से वह न्यायिक हिरासत में है. आसाराम पर गुजरात के सूरत में भी बलात्कार का एक मामला चल रहा है. आसाराम ने 12 बार जमानत याचिका दायर की, जिसे छह बार निचली अदालत ने, तीन बार राजस्थान उच्च न्यायालय और तीन बार उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया.

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