अशोक गहलोत की सभी विधायकों से अपील, 'लोकतंत्र बचाने के लिए जनता की आवाज सुनें'

सीएम ने इस पत्र के जरिए विधायकों से अपील की है कि राज्य को खरीद-फऱोख्त की राजनीति से बचाएं. इससे राज्य में गलत परंपरा शुरू हो जाएगी.

अशोक गहलोत की सभी विधायकों से अपील, 'लोकतंत्र बचाने के लिए जनता की आवाज सुनें'

'राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त की परंपरा अच्छी नहीं'

जयपुर:

राजस्थान में जैसे विधानसभा सत्र (Rajasthan Assembly Session) की तारीख नजदीक आ रही है. राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लग गई है. एक तरफ जहां कांग्रेस अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ठहरा कर किसी भी तरह उन्हें एकजुट रखने में लगी है वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी अपने विधायकों को गुजरात शिफ्ट करना शुरू कर दिया है. राज्य में लगातार बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रम में अब सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने राज्य के सभी विधायकों को पत्र लिखा है. इस पत्र में सीएम गहलोत सभी विधायकों से संकट की इस घड़ी में एकजुट रहने की अपील कर रहे हैं. अशोक गहलोत ने इस पत्र में लिखा है, 'विधायको को सच्चाई के साथ खड़ा होना चाहिए. उनकी सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं.'सीएम ने विधायकों से कहा कि राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त की परंपरा अच्छी नहीं है. वह अपने पत्र के माध्यम से विधायकों के यह बता रहे हैं कि उनकी सरकार ने राज्य में कितने अच्छे काम किए हैं, राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है.' 

पत्र की शुरुआत में सीएम ने राज्य में 2018 में चुनी हुई सरकार द्वारा किए गए कार्यों का वर्णन किया है. इसके बाद उन्होंने कोरोना संकट के दौरान किस प्रकार से सरकार ने काम किया और कैसे इसे कम करने के लिए आगे और कार्य करने थे उसकी बात की है. इसी दौरान उन्होंने लिखा 'ऐसी परिस्थिति में भी हमारे कुछ साथी और विपक्ष के कतिपय नेता ने मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई हमारी सरकार को अस्थिर करने के षड़यंत्र में लगे हुए हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.'

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सीएम ने इस पत्र के जरिए विधायकों से अपील की है कि राज्य को खरीद-फऱोख्त की राजनीति से बचाएं. इससे राज्य में गलत परंपरा शुरू हो जाएगी. इसके लिए उन्होंने पत्र में 1993-96 के दौरान भैरों सिंह शेखावत की सरकार गिराने के प्रयासों पर का भी जिक्र किया. गहलोत ने बताया कि मैंने उस वक्त पीएम और राज्यपाल से मिलकर इस तरह की कार्रवाई का विरोध किया था. 

अशोक गहलोत ने लिखा है, 'लोकतंत्र बचाने के लिए और हम में जनता का विश्वास बरकार रखने एवं गलत परंपराओं से बचने के लिए आपको जनता की आवाज सुननी चाहिए , आप चाहे किसी भी राजनीतिक पार्टी के विधायक हों'

जैसलमेर के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री गहलोत
पिछले चार दिनों से जयपुर में रहकर विभिन्न विभागों की समीक्षा कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज विधायकों के बीच जैसलमेर लौटेंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सुबह 9.30 बजे राजकीय विमान से जैसलमेर के लिए रवाना हुए. हालांकि उनके साथ मंत्री उदय लाल आंजना भी गए हैं. जैसलमेर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सूर्यागढ़ रिसोर्ट में दोपहर को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, सह प्रभारी विवेक बंसल के साथ विधानसभा सत्र को लेकर नई रणनीति तैयार करेंगे.

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इसके साथ ही भाजपा की ओर से शुरू हुई की गई बाड़ाबंदी को लेकर मुख्यमंत्री वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे.  रात 8 बजे विधायक गण की बैठक  वहीं होटल सूर्यागढ़ रिसोर्ट में रात 8 बजे विधायक गण की बैठक भी होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस, बीटीपी और निर्दलीय विधायक भी शामिल होंगे. बैठक में भाजपा की बाड़ाबंदी और आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री गहलोत सोमवार को जयपुर लौटेंगे.


(इनपुट एजेंसी भाषा से भी)

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