राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- माता-पिता का जन्मस्थान नहीं मालूम, सबसे पहले जाऊंगा डिटेंशन सेंटर

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- माता-पिता का जन्मस्थान नहीं मालूम, सबसे पहले जाऊंगा डिटेंशन सेंटर

अशोक गहलोत सरकार CAA के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर चुकी है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • जयपुर में भी हो रहा है CAA का विरोध
  • CM अशोक गहलोत पहुंचे प्रदर्शन स्थल
  • 'माता-पिता के जन्मस्थान की जानकारी नहीं'
जयपुर:

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध जारी है. दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में पिछले दो महीने से धरना प्रदर्शन हो रहा है. कई राज्य सरकारों ने इस कानून के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है. राजस्थान उनमें से एक है. वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की है. शुक्रवार को वह अचानक जयपुर में CAA और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. उस जगह को राजस्थान का 'शाहीन बाग' कहा जा रहा है क्योंकि वहां भी पिछले काफी दिनों से प्रदर्शन हो रहा है. वहां पहुंच उन्होंने कहा, 'NDA सरकार को इस कानून पर फिर से विचार करना चाहिए. ये संविधान की आत्मा के खिलाफ है. सरकार को आगे आना चाहिए और इस कानून को वापस लेना चाहिए ताकि देश में शांति और सौहार्द बना रहे.'

अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और राजस्थान सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ है. अगर जरूरत पड़ी तो वह सबसे पहले होंगे जो डिटेंशन सेंटर जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता के जन्मस्थान की जानकारी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए मांगी जा रही है. उन्होंने कहा, 'अगर मैं उनकी (माता-पिता) डिटेल नहीं दे पाया तो मुझे भी डिटेंशन सेंटर में रहने के लिए कहा जाएगा. मुझे अपने माता-पिता के जन्मस्थान की जानकारी नहीं है. आप आश्वस्त रहें, अगर ऐसी स्थिति आती है तो मैं सबसे पहले डिटेंशन सेंटर जाऊंगा.' मुख्यमंत्री के इतना कहते ही वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे.

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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि असम में बीजेपी सरकार ने NRC को लागू करने से इंकार किया. वह बोले, 'कानून बनाना सरकार का अधिकार है लेकिन लोगों की भावनाओं के अनुसार सरकार को शासन करना चाहिए. दिल्ली के शाहीन बाग की तरह, राजस्थान सहित पूरे देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सरकार को जनता की भावनाओं को समझना चाहिए. कई राज्यों के मुख्यमंत्री CAA के खिलाफ हैं.'

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बताते चलें कि देशभर के प्रदर्शनकारियों की मांग है कि CAA में मुस्लिम समुदाय को भी शामिल किया जाए. साथ ही केंद्र सरकार लिखित तौर पर यह आश्वासन दे कि भविष्य में NRC को देश में लागू नहीं किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) संसद में इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि भारत में NRC को लागू किया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narenrda Modi) ने दिल्ली में आयोजित एक रैली में कहा था कि NRC पर उनकी सरकार में कभी कोई चर्चा नहीं की गई. जिसके बाद अमित शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था, 'इस मामले में बहस की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अभी इस पर कोई चर्चा ही नहीं हुई है. पीएम मोदी ने सही कहा था कि ना ही कैबिनेट की बैठक में या संसद में इसपर कोई चर्चा नहीं हुई.'

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