MHA के दखल के बाद भी असम-मिजोरम सीमा पर फिर बवाल, NH-306 पर दो दिनों से सैकड़ों ट्रक खड़े

पिछले हफ्ते मिजोरम ने वादा किया था कि वह अपने सीमा क्षेत्र असम के लैलापुर से आर्म्ड फोर्सेज हटा लेगा लेकिन असम के अधिकारियों का कहना है कि मिजोरम ने अभी तक ऐसा नहीं किया है.

MHA के दखल के बाद भी असम-मिजोरम सीमा पर फिर बवाल, NH-306 पर दो दिनों से सैकड़ों ट्रक खड़े

पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने दोनों राज्यों के गृह सचिवों से बातचीत कर मामले का समाधान निकाला था.

गुवाहाटी:

असम-मिजोरम सीमा गतिरोध में कथित सफलता के एक सप्ताह बाद, पिछले दो दिनों में फिर से अवरोध उभर आए हैं. असम की सीमा पर स्थानीय लोगों ने वाहनों को मिज़ोरम जाने से रोक दिया है. उनकी यह मांग है कि मिजोरम अपने क्षेत्र में तैनात बलों को वापस ले. इस वजह से राष्ट्रीय उच्च मार्ग 306 पर दो दिनों से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाय करने वाले सैकड़ों ट्रक खड़े हैं. यह एनएच राज्य का लाइफ लाइन कहलाता है. पिछले हफ्ते मिजोरम ने वादा किया था कि वह अपने सीमा क्षेत्र असम के लैलापुर से आर्म्ड फोर्सेज हटा लेगा लेकिन असम के अधिकारियों का कहना है कि मिजोरम ने अभी तक ऐसा नहीं किया है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, विवाद को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को दोनों राज्यों- असम और मिजोरम- के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रन्सिंग के जरिए मीटिंग की ताकि समाधान निकाला जा सके और सीमा पर तनाव कम किया जा सके.

इस बीच, असम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जीपी सिंह ने कहा कि हाल ही में असम-मिजोरम सीमा के पास लैलापुर के एक स्कूल में बम विस्फोट स्थानीय लोगों को आतंकित करने की कोशिश हो सकती है. असम पुलिस घटना की जांच एक केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का अनुरोध करेगी.

जीपी सिंह ने कहा, "एक स्कूल में एक विस्फोट हुआ था. मैंने कोलाशिब जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ चर्चा की. हमने मिजोरम द्वारा स्थापित अतिरिक्त पुलिस पोस्ट को देखा है. ऐसा लगता है कि बम विस्फोट स्थानीय लोगों को आतंकित करने का प्रयास हो सकता है. मैंने कचहरी के पुलिस अधीक्षक को अदालत में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा है."

सिंह ने कहा, "जांच में यह सामने आया है कि विस्फोट करने वाले लोग मिजोरम के हो सकते हैं. हमने पुलिस मुख्यालय से चर्चा की है क्योंकि इसमें गैरकानूनी गतिविधियों के तहत मामला शामिल है, हम मामले को एक केंद्रीय एजेंसी को हस्तांतरित करने का अनुरोध करेंगे."

Newsbeep

असम-मिजोरम सीमा पर 9 अक्टूबर से ही गतिरोध जारी है. 17 अक्टूबर को यह तब भयानक रूप ले लिया था, जब सीमा पर रहने वाले लोगों द्वारा किए गए हमलों और जवाबी हमलों में लगभग 20 दुकानें और घर फूंक दिए गए थे. इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


मिजोरम के कोलासिब जिले में वैरेंगटे, जहां से एनएच 306 गुजरती है, से लेकर असम में लैलापुर तक सुरक्षा बलों की भारी तैनाती देखी गई है. असम के तीन दक्षिणी जिले- कछार, करीमगंज, हैलाकांडी और मिजोरम के दो जिले- ममीत और कोलासिब एक साथ पहाड़ी सीमा साझा करते हैं.जहां तनाव ज्यादा फैले थे. पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने दोनों राज्यों के गृह सचिवों से बातचीत कर मामले का समाधान निकाला था.