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विधानसभा उपचुनाव : आंध्र प्रदेश और गोवा में भारी मतदान, दिल्ली में मात्र 45 प्रतिशत वोटिंग

आंध्र प्रदेश के नंदयाल में करीब 80 प्रतिशत, गोवा में पणजी सीट पर 70 प्रतिशत और वालपोई में 79.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया

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विधानसभा उपचुनाव : आंध्र प्रदेश और गोवा में भारी मतदान, दिल्ली में मात्र 45 प्रतिशत वोटिंग

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. दिल्ली की बवाना सीट पर आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
  2. गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस पर मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया
  3. आंध्र प्रदेश के नंदयाल क्षेत्र में कुल 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में
नई दिल्ली:

आंध्र प्रदेश के नंदयाल विधानसभा क्षेत्र और गोवा में दो सीटों के लिए बुधवार को हुए उप-चुनाव में भारी मतदान हुआ जबकि दिल्ली के बवाना सीट के लिए उपचुनाव में मात्र 45 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. नंदयाल में करीब 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जहां सत्ताधारी तेदेपा और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुणाल ने कहा कि गोवा में पणजी सीट के लिए उपचुनाव में 70 प्रतिशत और वालपोई में 79.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस पर मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इस संबंध में चुनाव आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस ने भी इसके जवाब में आरोप लगाए. मतगणना 28 अगस्त को होगी.

दिल्ली, आंध्र प्रदेश और गोवा के उपचुनाव में पहली बार मतदान की पर्ची देने वाली मशीन (वीवीपीएटी) का इस्तेमाल किया गया. दिल्ली में मतदान 2015 के 61.83 प्रतिशत से बहुत कम रहा. इस उपचुनाव में आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है.


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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रभूषण कुमार ने कहा, ‘‘मतदान की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और विधानसभा क्षेत्र के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.’’ मतदान अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान एक ईवीएम और 17 वीवीपीएटी उपकरणों में गड़बड़ी सामने आई और मतदान में बिना किसी रुकावट के उन्हें बदल दिया गया. अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि शहर में जल्दी-जल्दी हुए कई चुनावों के कारण हो सकता है कि बवाना में मतदान प्रतिशत घट गया हो.

इस उप-चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में हैं . ‘आप’ के विधायक वेद प्रकाश मार्च में विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे जिसके कारण यह सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा. वेद प्रकाश बीजेपी के टिकट पर यह उप-चुनाव लड़ रहे हैं. ‘आप’ ने राम चंद्र को जबकि कांग्रेस ने बवाना से तीन बार विधायक रह चुके सुरेंद्र कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है. बवाना में 2.94 लाख से ज्यादा मतदाता हैं.

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पणजी सीट के लिए उपचुनाव में बीजेपी के कद्दावर उम्मीदवार पर्रिकर का मुकाबला कांग्रेस के गिरीश चोड़ानकर और गोवा सुरक्षा मंच के आनंद शिरोडकर से है. वालपोई में भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे को खड़ा किया है. राणे का सामना यहां कांग्रेस के रॉय नाइक से है.

पणजी में उपचुनाव तब जरूरी हो गया जब भाजपा के विधायक सिद्धार्थ कुनकोलेनकर ने सीट पर्रिकर के लिए खाली की. वालपोई में उपचुनाव राणे के भाजपा में शामिल होने के बाद जरूरी हो गया.

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VIDEO : ईवीएम में गड़बड़ी


आंध्र प्रदेश में कुरनूल जिले के नंदयाल विधानसभा क्षेत्र में आज करीब 80 फीसदी मतदान हुआ. इस उप-चुनाव में सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. तेदेपा के विधायक भूमा नागी रेड्डी के मार्च में निधन के बाद इस सीट के लिए उप-चुनाव कराना पड़ा. इस उप-चुनाव में रेड्डी के भतीजे ब्रह्मानंद रेड्डी तेदेपा उम्मीदवार हैं जबकि वाईएसआर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री शिल्पा चंद्र मोहन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर कुल 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
(इनपुट भाषा से)



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