JNU में योगेंद्र यादव पर हमला, कहा- यदि पुलिस डरी हुई है तो वह अपनी वर्दी उतार दे

योगेंद्र यादव ने कहा- मेरी आंख चमत्कारिक रूप से किक से बच गई, केवल एक खरोंच आई. पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी, लेकिन कोई फ्रैक्चर नहीं है

JNU में योगेंद्र यादव पर हमला, कहा- यदि पुलिस डरी हुई है तो वह अपनी वर्दी उतार दे

JNU में कथित रूप से योगेंद्र यादव पर हमला किया गया.

खास बातें

  • यादव का आरोप- पुलिसकर्मी वहां खड़े थे लेकिन कुछ नहीं कर रहे थे
  • जेएनयू छात्र संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों के बीच झड़प
  • एबीवीपी का आरोप- वाम दलों से जुड़े छात्र संगठनों के सदस्यों ने हमला किया
नई दिल्ली:

स्वराज अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर के बाहर रविवार को कथित तौर पर हमला किया गया. साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में शाम को जेएनयू छात्र संघ और एबीवीपी के सदस्यों के बीच झड़प हुई. योगेंद्र यादव ने कहा कि वहां गुंडागर्दी को रोकने के लिए कोई नहीं था और उन्हें मीडिया से बात नहीं करने दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी वहां खड़े थे लेकिन कुछ नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘यदि पुलिस डरी हुई है तो वह अपनी वर्दी उतार सकती है.''

योगेंद्र यादव को हमले में आंशिक चोटें आईं. उन्होंने देर रात में ट्वीट किया, ''दोस्तों और शुभचिंतकों के लिए जो आज रात के हमले के बाद मेरे बारे में चिंतित हैं- मेरी आंख चमत्कारिक रूप से किक से बच गई, केवल एक खरोंच आई. पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी, लेकिन कोई फ्रैक्चर नहीं है.  डॉक्टर कहते हैं कि 3-4 दिन आराम करना चाहिए. एम्स में बहुत अच्छे से इलाज हुआ, वहां से वापस घर.''

सूत्रों ने बताया कि जेएनयू छात्र संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों के बीच शाम को विश्वविद्यालय परिसर में झड़प हुई. विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान यह घटना हुई. छात्र संघ ने दावा किया कि इसकी अध्यक्ष आइशी घोष और कई अन्य छात्र एबीवीपी सदस्यों के पथराव में घायल हो गए.

दूसरी तरफ आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आरोप लगाया कि उसके सदस्यों पर वाम दलों से जुड़े छात्र संगठनों के सदस्यों ने हमले किए और एबीवीपी के 25 सदस्य घायल हो गए.

(इनपुट भाषा से भी)

 
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