अमित शाह ने कहा, 'दिल्‍ली हिंसा को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई', कांग्रेस ने लोकसभा से किया वॉकआउट

दिल्ली हिंसा पर विपक्षी के सवालों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली दंगा को राजनीतिक दंग देने का प्रयास हुआ है. जिन लोगों की जान गई है उनके लिए दिल से दुख व्यक्त करता हूं. जो मारे गए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं.

अमित शाह ने कहा, 'दिल्‍ली हिंसा को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई', कांग्रेस ने लोकसभा से किया वॉकआउट

लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर हुई चर्चा का गृह मंत्री अमित शाह ने दिया जवाब

खास बातें

  • दिल्‍ली हिंसा में 50 से ज्‍यादा लोगों की हुई मौत
  • 'दिल्ली दंगों के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा'
  • 'पुलिस की सबसे पहली जिम्मेदारी हिंसा को रोकने की थी'
नई दिल्ली:

काफी हंगामे के बाद बुधवार को लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर बहस हो रही है. इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. वहीं गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं. विपक्षी के सवालों का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली दंगा को राजनीतिक दंग देने का प्रयास हुआ है. जिन लोगों की जान गई है उनके लिए दिल से दुख व्यक्त करता हूं. जो मारे गए उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त करना चाहता हूं. कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आज की चर्चा में नहीं बोलना चाहता, लेकिन जिस तरह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रखने का प्रयास हुआ इसलिए इस पर स्पष्ट करना चाहूंगा कि इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई.

- गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्‍ली हिंसा पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा, 'इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई. जिनकी जान गई उनके लिए दुख व्यक्त करता हूं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.'

- विगत कुछ दिनों में जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दंगों को प्रस्तुत किया जा रहा है और आज भी इस सदन में जिस प्रकार से रखने का प्रयास हुआ है, मैं बड़े संयम के साथ इसको स्पष्ट करना चाहूंगा.

- 25 फरवरी के रात 11 बजे के बाद एक घटना नहीं हुई. हमने होली के बाद इसलिए कहा क्योंकि होली के बाद साम्प्रदायिक दंगों का इतिहास है. हम ये नहीं चाहते थे : अमित शाह

- दिल्ली की जनसंख्या 1.70 करोड़ हैं. वहां की आबादी 20 लाख है जहां दंगा हुआ. मैं दिल्ली पुलिस की तारीफ करता हूं, शाबाशी देता हूं जिसने दिल्ली में ये दंगा फैलने नहीं दिया. 36 घंटे तक तक हिंसा चली.

- काफी सारे सदस्यों ने एक सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस क्या कर रही थी? इस सदन के अंदर विपक्ष का ये दायित्व है कि सत्ता पक्ष और उसके अधीन विभागों की कड़ी आलोचना करे और उनकी निगरानी रखे और कहीं गलती होती है तो उसे सदन में भी और बाहर भी उठाये : अमित शाह

- कांग्रेस ने गृहमंत्री के भाषण पर वॉक आउट किया. अभी जवाब खत्म नही हुआ है.

- दिल्ली पुलिस के सर पर सबसे पहली जिम्मेदारी हिंसा को रोकना थी. 24 फरवरी, 2020 को 2 बजे के आस-पास पहली सूचना प्राप्त हुई थी और अंतिम सूचना 25 फरवरी को रात 11 बजे प्राप्त हुई. दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में दंगे को समाप्त करने का काम किया है : अमित शाह

- आप मुझ पर सवाल उठा सकते हैं और आपको ये अधिकार है, लेकिन तथ्यों के साथ तोड़-फोड़ करने का किसी का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं श्रीमान ट्रम्प के कार्यक्रम में बैठा था, उनका कार्यक्रम पहले से तय था और मेरे संसदीय क्षेत्र में था : अमित शाह

- मैंने ही अजित डोभाल से विनती की थी कि आप वहां जाइए और पुलिस का मनोबल बढ़ाइए, मेरी ही विनती पर वो वहां गए थे: अमित शाह

- कुछ लोगों ने कहा कि CRPF, मिलिट्री भेजनी चाहिए थी. 23 तारीख को 17 कंपनी दिल्ली पुलिस की, 13 कंपनी CRPF की कुल 30 कंपनी क्षेत्र में पहले से ही रखी थी

- 27 फरवरी से आज तक 700 से ज्यादा FIR हमने दर्ज की हैं. 2,647 लोग हिरासत में लिए गए हैं. CCTV फुटेज 25 से ज्यादा कम्प्यूटर पर एनालिसिस हो रहा है: अमित शाह

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- हमने लोगों से, मीडिया से दंगों का फुटेज मांगा है और मुझे कहते हुए आनंद है कि दिल्ली की जनता ने हजारों की तादात में पुलिस को वीडियो भेजे हैं. मुझे आशा है कि अंकित शर्मा के खून का भेद भी वो ही वीडियो में से बाहर आने वाला है: अमित शाह

- हमने पूरे लोकतान्त्रिक तरीके से चर्चा करके संसद के दोनों सदनों ने CAA को मतदान करके पास किया था. फिर भी इसे लेकर देशभर में लोगों को गुमराह किया गया कि इससे अल्पसंख्यकों की नागरिकता चली जाएगी. मुझे बताइये की इसमें कौन सा क्‍लॉज है जिससे किसी की नागरिकता जाती हो.