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संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की यह मांग

संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने सरकार से जीएसटी रेट में फिर कटौती की मांग की है. सोमवार को सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मनुफक्चरर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान जारी का ये मांग रखी.

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संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की यह मांग

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने सरकार से जीएसटी रेट में फिर कटौती की मांग की है. सोमवार को सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मनुफक्चरर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान जारी का ये मांग रखी. उद्योग संघ एसोचैम ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है की टू-व्हीलर्स पर जीएसटी घटाकर 5% कर देना चाहिए.  उन्होंने कहा कि इस साल अगस्त में पिछले साल के मुकाबले पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री करीब 30% घट गयी है. पिछले महीने वित्त मंत्री ने जो राहत का ऐलान किया उसका असर ज़मीन पर नहीं दिख रहा है लिहाजा सरकार को जीएसटी रेट 28% से घटाकर 18% करना चाहिए जिससे गाड़ियों पर कुल खर्च घटे और मांग बढे. उद्योग संघ एसोचैम ने ऑटोमोबाइल सेक्टर की मांग का समर्थन किया है.

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एसोचैम ने इन मांगों का समर्थन किया. एसोचैम के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल सौरभ सान्याल ने कहा कि ये सही मांग है. ऑटो सेक्टर में बिक्री 30 प्रतिशत से ज्यादा घट गयी है. 90 फीसदी फैक्ट्रीज में सिर्फ 50 प्रतिशत प्रोडक्शन हो पा रहा है. टू-व्हीलर्स पर जीएसटी घटाकर सिर्फ 5% कर देना चाहिए क्योंकिं 50% लोग टू-व्हीलर  इस्तेमाल करते हैं. एसोचेम ने आगे बढ़ते हुए मांग की है कि इसमें सिर्फ दो ही जीएसटी स्लैब्स होने चाहिए  8 फीसदी  और 16 फीसदी. 

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बता दें कि जीएसटी रेट कम करने की मांग ऐसे समय पर उठ रही है जब जीएसटी कलेक्शंस में  पिछले महीने गिरावट दर्ज़ की गयी है. जुलाई 2019 के मुकाबले अगस्त 2019 में जीएसटी की कलेक्शन में करीब 4000 करोड़ की कमी आयी है. ऐसे में अब देखना होगा की वित्त मंत्री इन मांगों से आने वाले दिनों में कैसे निपटती हैं.

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