NDTV Khabar

Ayodhya Case: सुनवाई पूरी होने के बाद अयोध्या में बढ़ी सुरक्षा, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च, चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात

Ayodhya Case: अयोध्या में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (लॉ एंड ऑर्डर) ने भी अयोध्या का दौरा किया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
Ayodhya Case: सुनवाई पूरी होने के बाद अयोध्या में बढ़ी सुरक्षा, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च, चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात

अयोध्या (Ayodhya) मामले में 17 नवंबर को फैसला आ सकता है.

खास बातें

  1. SC में पूरी हुई विवाद की सुनवाई
  2. अयोध्या में दीवाली मनाएंगे CM योगी
  3. 17 नवंबर को आ सकता है फैसला
लखनऊ:

Ayodhya Land Dispute Case: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने के साथ ही अयोध्या (Ayodhya) में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने शाम को पूरे अयोध्या में फ़्लैग मार्च किया. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अयोध्या (Ayodhya) राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद पर सुनवाई पूरी कर ली थी. लगातार चालीस दिन तक चली देश के इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सुनवाई के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया गया. फैसला 17 नवंबर तक आ सकता है. वहीं, अयोध्या पर मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी. सूत्रों के मुताबिक़, सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित जमीन पर दावा छोड़ने को तैयार. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड दूसरी जगह मस्जिद बनाने को राजी हो गया है. 

फैसला सुरक्षित रखने जाने के बाद अयोध्या में जगह-जगह पुलिस ने बैरियर लगा दिए हैं. गाड़ियों को रोककर लोगों की तलाशी ली जा रही है. इसके अलावा यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दीवाली मनाने आने वाले हैं, ऐसे में भी सुरक्षा मजबूत की गई है. यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का कहना है, 'सुरक्षा की व्यवस्था व्यापक होगी. पिछली बार भी हम लोगों ने किया था. क्योंकि इस साल विशाल स्तर पर किया जा रहा है. पूरी व्यवस्था होगी. पैरा मिलिट्री फोर्स, पीएसी, पुलिस सभी की व्यवस्था होगी.'


Ayodhya Case: पीठ के जज आज चैम्बर में बैठेंगे, किसी भी पक्ष को नहीं है वहां जाने की इजाजत

अयोध्या में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (लॉ एंड ऑर्डर) ने भी अयोध्या का दौरा किया है. 

बता दें, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर छह अगस्त से रोजाना 40 दिन तक सुनवाई की. इस दौरान विभिन्न पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें पेश कीं. संविधान पीठ ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुये संबंधित पक्षों को ‘मोल्डिंग ऑफ रिलीफ' (राहत में बदलाव) के मुद्दे पर लिखित दलील दाखिल करने के लिये तीन दिन का समय दिया. इस मामले में दशहरा अवकाश के बाद 14 अक्टूबर से अंतिम चरण की सुनवाई शुरू हुयी. 

कौन हैं Supreme Court में नक्शा फाड़ने वाले वकील राजीव धवन? 

न्यायालय के पहले के कार्यक्रम के तहत यह सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी की जानी थी. हालांकि, 14 अक्टूबर को सुनवाई शुरू होने पर न्यायालय ने कहा कि यह 17 अक्ट्रबर तक पूरी की जायेगी. लेकिन 15 अक्टूबर को पीठ ने यह समय सीमा घटाकर 16 अक्टूबर कर दी थी. राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इस मुद्दे पर 17 नवंबर से पहले ही फैसला आने की उम्मीद है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई इस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

टिप्पणियां

रवीश कुमार का ब्लॉग: कोर्ट में मामला भूमि विवाद का, लेकिन मीडिया के लिए आस्था

VIDEO: अयोध्या: 133 साल में रिश्ते और सियासत में आया बदलाव



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement