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आयुष्मान भारत योजना 25 सितंबर से शुरू होगी, पीएम मोदी ने किया ऐलान

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर पीएम जन आरोग्य योजना लांच कर दी जाएगी, मध्यम वर्ग को भी जोड़ा जाएगा

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आयुष्मान भारत योजना 25 सितंबर से शुरू होगी, पीएम मोदी ने किया ऐलान

स्वतंत्रता दिवस पर संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी.

खास बातें

  1. 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख तक के हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा
  2. योजना की तकनीकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा
  3. योजना के दायरे से आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बाहर
नई दिल्ली: पचास करोड़ लोगों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा वाली महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत अब 25 सितंबर से शुरू होगी. जैसी उम्मीद थी, प्रधानमंत्री ने लाल किले से इसका ऐलान किया, लेकिन अमल की बात छह हफ्ते बाद कही. मोदी ने कहा कि इसके दायरे में 10 करोड़ परिवार होंगे और आने वाले दिनों में मध्यम वर्ग को भी इससे जोड़ा जाएगा. 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर पीएम जन आरोग्य योजना लांच कर दी जाएगी.

स्वाधीनता दिवस पर देश के लिए प्रधानमंत्री ने इस बहुत बड़े तोहफ़े का ऐलान किया. इसके तहत 10 करोड़ से ज़्यादा परिवारों को पांच लाख तक के हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मिलेगी. बताया जा रहा है कि योजना की तकनीकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मोदी ने कहा, "हम आयुष्मान भारत योजना देश को देने वाले हैं. इसके लिए जो टेक्नालॉजी के टूल्स बने हैं, अगले 4-5-6 सप्ताह में उसकी टेस्टिंग शुरू हो जाएगी.''

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उधर लखनऊ में झंडा फहराते हुए योगी आदित्यनाथ ने एक और चुनौती की ओर इशारा किया.  योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''पहले चरण में छह करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत में शामिल किया जाएगा. हम एक सर्वे कर रहे हैं, यह पता लगाने के लिए कि कहीं कोई ज़रूरतमंद छूटा तो नहीं है. मैं उन परिवारों से अपील करता हूं जिनका नाम अभी लाभार्थी सूची में है लेकिन वे खुद स्वास्थ्य सेवा पाने में सक्षम हैं, वे इस योजना से खुद को अलग कर लें."

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VIDEO : आयुष्मान भारत के लिए पहला कदम

इसके अलावा अभी तक योजना के दायरे से आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बाहर हैं. प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद अब स्वास्थ्य मंत्रालय के पास करीब छह हफ्ते का वक्त है. इस योजना को लागू करने में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए...सरकार को  आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इसमें शामिल करने के लिए तैयार होना होगा और बीमारियों के इलाज के लिए तय की जाने वाली पैकेज प्राइसिंग पर निजी अस्पतालों के साथ सहमति बनानी होगी.


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