बलिया हत्याकांड: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित पक्ष पर केस दर्ज नहीं होने पर पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी

बलिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया, उसके समर्थन में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

बलिया हत्याकांड: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित पक्ष पर केस दर्ज नहीं होने पर पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी

बलिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

लखनऊ:

Ballia Murder Case: बलिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह (Dhirendra Singh) को यूपी एसटीएफ (UP STF) ने आज गिरफ्तार कर लिया. उधर बलिया में हत्या के आरोपी के समर्थन में बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. उन्होंने जमकर नारेबाज़ी की. उनकी मांग है कि पीड़ित पक्ष पर भी मुकदमा हो क्योंकि उन्होंने भी मारपीट की थी. अगर मामला दर्ज नहीं हुआ तो वे बीजेपी छोड़ देंगे. पहले पुलिस ने धीरेंद्र सिंह को पकड़कर पिस्टल समेत छोड़ दिया था...लेकिन आज पकड़ा तो नहीं छोड़ा.अब उसे बलिया पुलिस को सौंपा जा रहा है.

बलिया के बीजेपी कार्यकर्ता, डब्लू भैया यानी हत्या के मुलज़िम धीरेंद्र सिंह की हिमायत में नारेबाज़ी करते रहे. वे कह रहे थे कि हत्या के आरोपी के संघर्ष में वे उनके साथ हैं. उनकी मांग है कि मरने वाले जयप्रकाश पाल के लोगों पर मुक़दमा हो वरना वे बीजेपी छोड़ देंगे.

बीजेपी के मंडल अध्यक्ष बुट्टन राय ने कहा कि, ''इस्तीफ़ा दे देंगे हम लोग.भारतीया जनता पार्टी में रहने से क्या फायदा है. क्या लाभ है हम लोगों को? क्या तनख़्वाह मिलती है? अपना घर से हम खर्चा करते हैं. अपने काम का नुकसान क के हम लोग पार्टी और देश के लिए काम करते हैं.''

उधर गोलीकांड में मारे गए जयप्रकाश पाल का परिवार मुलज़िम के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा चाहता है. उनका कहना है कि उन्हें मुकदमों में न फंसाया जाए. जयप्रकाश के भाई सूरजपाल ने कहा कि ''विधायक जी उनकी तरफ, से हत्यारे की तरफ से बिल्कुल खड़े हैं. और हम लोगों को यह भी सुनने में आ रहा है कि तरह-तरह के मुक़दमे में फंसना चाहते हैं. इसलिए सरकार को हम लोगों की सहायता के लिए कुछ करना चाहिए."

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धीरेंद्र सिंह के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि जिले के संगठन में भ्रष्ट लोग हैं इसलिए धीरेंद्र सिंह की मज़बूत पैरवी नहीं हो पाई. बुट्टन राय ने कहा कि ''यहां का जो ज़िला अध्यक्ष है वो पैसा लेकर पद बांटता है. और करन मौर्य जो है विधानसभा में बसपा को वोट दिया था... उसको ज़िला कार्यसमिति में लिया. एक दिलीप गुप्ता है, वो हमसे सपा का वोट मांगा था.''