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शादियों के घरों में आ रही है दिक्कत, दूल्हे ने पूछा आज शादी करूं या बैंक की लाइन में लगूं

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शादियों के घरों में आ रही है दिक्कत, दूल्हे ने पूछा आज शादी करूं या बैंक की लाइन में लगूं

खास बातें

  1. चेक नहीं ले रहे लोग, बाउंस होने की बात कहकर कर रहे हैं मना
  2. जिनकी शादी आज उन्हें आ रही है और ज्यादा दिक्कत
  3. लोगों को समझ नहीं आ रहा कि लिफाफे में क्या दें...
जयपुर:

शादियों की शुक्रवार को धूम रहेगी. देव उठनी ग्यारस या देव उठनी एकादशी से शादी का कैलेंडर शुरू हो जाता है. जयपुर में एक महीने में करीब 900 शादियां होनी हैं, लेकिन शादियों में जहां लोग लाखों खर्च कर देते हैं, वहां 500 और 1000 रुपये का नोट बंद होने से खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.m

28 साल के कुलदीप मेहरा पेशे से टैक्सी चालक हैं. उन्होंने शादी के पहले करीब-करीब सारी तैयारियां कर ली थीं. टेंट वाले को एडवांस, राशन तेल खरीद लिया था, मेहमानों का आगमन शुरू हो चुका था और अकस्मात 500 और 1000 के नोटों का चलन बंद हो गया.

कुलदीप ने बताया कि मेरी शादी अगले हफ्ते है, हमने चार पांच दिन पहले 5 लाख रुपये बैंक से लिए और हमें एडवांस देना था. अब बैंक जाएंगे तो खाली 10 हजार रुपये देगा. लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं. शादी का घर है हर काम टाइम से होना है. लगन आएगा तो 4 बजे आएगा तो क्या मैं 4 बजे तक लाइन में लगा रहूंगा. शादी भी तो मुझे ही करनी  है.

फूलवालों से लेकर घोड़ीवाला तक, सभी कैश मांगते हैं और चेंज देने को तैयार नहीं हैं. हर कोई चेक लेने के लिए राजी नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि चेक बाउंस हो सकते हैं. जिन घरों में शादी है और छुट्टे नोटों की कमी भी तो उन्हें समझ नहीं आ रहा बैंक में जाकर नोट बदलवाएं या फिर शादी की रस्मों में शरीक हों.


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कुलदीप की बहन आशा ने बताया कि आज माला मंगवाई थी वह भी नहीं मिली, हमारे पास खुले पैसे नहीं हैं और वे 500 के नोट नहीं ले रहे.
 
वहीं आलोक गुप्ता की शादी को लेकर महिला संगीत बड़े धूमधाम से चल रहा है, लेकिन शो किरकिरा न पड़ जाए उसमें उनके पिता को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. बेटे की शादी हर किसी के लिए ख़ास होती है, लेकिन हमें बहुत छोटा महसूस करना पड़ रहा है, क्योंकि हम बहुत नाप-तोल के खर्च कर रहे हैं.

500 और 1000 के नोट अब शादियों में बिन बुलाए मेहमान हैं और मेहमान सोच रहे हैं आखिरकार एनवलप में रखें  तो क्या रखें. लेकिन शादियों की तिथि तो कई महीने कभी-कभी एक साल पहले तय हो जाती है, तो अब फेरे लेने ही पड़ेंगे.



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