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अविनियमित जमाओं एवं पोंजी स्कीमों पर पाबंदी के लिए लाए गए विधेयक का कई दलों ने किया समर्थन

माकपा सदस्य इलामारम करीम ने 21 फरवरी 2019 को जारी अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अध्यादेश, 2019 के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया.

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अविनियमित जमाओं एवं पोंजी स्कीमों पर पाबंदी के लिए लाए गए विधेयक का कई दलों ने किया समर्थन

राज्यसभा में वित्त राज्यममंत्री अनुराग ठाकुर ने विनयमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक, 2019 पेश किया

नई दिल्ली:

राज्यसभा में सोमवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने अविनियमित जमाओं एवं पोंजी स्कीमों पर पाबंदी के मकसद से लाए गए एक विधेयक का समर्थन किया. हालांकि चर्चा में कई सदस्यों ने आशंका जतायी कि इस विधेयक के प्रावधानों के तहत नौकरशाहों को व्यापक अधिकार मिल जाएंगे.  वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने अविनयमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक, 2019 चर्चा के लिए पेश किया. इस विधेयक में अविनियमित जमाओं एवं पोंजी स्कीमों की बुराई को रोकने एवं ऐसी योजनाओं पर रोक लगाने की बात कही गई है. इससे पहले माकपा सदस्य इलामारम करीम ने 21 फरवरी 2019 को जारी अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अध्यादेश, 2019 के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया.विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के टी सुब्बारामी रेड्डी ने कहा कि गरीबों और निवेशकों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि लेकिन यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि वास्तविक कारोबारियों को नुकसान नहीं होना चाहिए. 

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क्रिप्टो-करेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की मांग करते हुए रेड्डी ने कहा कि यह कोई वैधानिक मुद्रा नहीं है. उन्होंने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को लेकर भ्रम की स्थिति बन गयी है. उन्होंने कहा कि सभी एनबीएफसी खराब नहीं हैं और कई एनबीएफसी काफी अच्छी हैं जिनका भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी महत्व भी रहा है. लेकिन कुछ लोगों के कारण भ्रम की स्थिति बन गयी. बीजेपी के सुरेश प्रभु ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बैंकिंग क्षेत्र से बाहर थे. विधेयक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से उचित कानून की मांग की जा रही थी.

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इस विधेयक से ऐसे क्षेत्र में होने वाली जमाओं का विनियमन हो सकेगा. बचत बढ़ाए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जमाकर्ताओं को यह आश्वासन दिया जाना चाहिए कि उनकी राशि सुरक्षित है. तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने भी विधेयक का स्वागत किया और कहा कि इस विधेयक से चिटफंड घोटालों पर काबू पाने में मदद मिलेगी. उन्होंने संचेता, आस्कर सहित विभिन्न घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रकार के मामलों में बड़ी संख्या में आम लोग शिकार हुए. 

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