Bharat Bandh: यूनियनों की हड़ताल का राहुल गांधी ने किया समर्थन, मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से बुलाये गये “भारत बंद” का समर्थन करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को कमजोर करने का आरोप लगाया.

Bharat Bandh: यूनियनों की हड़ताल का राहुल गांधी ने किया समर्थन, मोदी सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी (फाइल फोटो)

खास बातें

  • राहुल गांधी ने भारत बंद का किया समर्थन
  • 10 श्रमिक संगठनों की तरफ से बुलाया गया है बंद
  • राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला
नई दिल्ली:

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से बुलाये गये “भारत बंद” का समर्थन करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को कमजोर करने का आरोप लगाया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मोदी-शाह सरकार की जनविरोधी, श्रमिक विरोधी नीतियों ने भयावह बेरोजगारी पैदा की है और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि इन्हें मोदी के पूंजीपति मित्रों को बेचने को सही ठहराया जा सके.” राहुल गांधी ने कहा, “आज 25 करोड़ कामगारों ने इसके विरोध में भारत बंद बुलाया है. मैं उन्हें सलाम करता हूं.”

Bharat Bandh: देशभर में 10 ट्रेड यूनियनों की हड़ताल आज, 25 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा
 

गौरतलब है कि मोदी सरकार के विनिवेश, निजीकरण और श्रम सुधार नीतियों के खिलाफ 10 केंद्रीय व्यापार संघ ने बुधवार को देशव्यापी आम हड़ताल का अह्वान किया है. सीपीएम से जुड़े CITU ने दावा किया था कि इस देशव्यापी हड़ताल में करीब 25 करोड़ कर्मचारी हिस्सा लेंगे. इसमें INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC के साथ-साथ क्षेत्रीय स्वतंत्र महासंघों और संघों के कार्यकर्ता आम हड़ताल में भाग लेंगे. 

मोदी सरकार की इन नीतियों के खिलाफ देशभर में 10 ट्रेड यूनियनों की हड़ताल, प्रभावित हो सकतीं हैं बैंक सेवाएं

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

विभिन्न संघों और फेडरेशनों ने पिछले साल सितंबर में आठ जनवरी, 2020 को हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी. दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘आठ जनवरी को आगामी आम हड़ताल में हम कम से कम 25 करोड़ लोगों की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं. उसके बाद हम कई और कदम उठाएंगे और सरकार से श्रमिक विरोधी, जनविरोधी, राष्ट्र विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग करेंगे. बयान में कहा गया है, ‘श्रम मंत्रालय अब तक श्रमिको को उनकी किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रहा है. श्रम मंत्रालय ने दो जनवरी, 2020 को बैठक बुलाई थी. सरकार का रवैया श्रमिकों के प्रति अवमानना का है.'
 

VIDEO: सरकारी कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल होने की मंजूरी नहीं दी जाएगी: ममता बनर्जी



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)