बिहार के 'लेनिनग्राद' बेगूसराय में NDA को बागियों से खतरा, महागठबंधन को सता रहा भितरघात का डर

ग्रैंड सेकुलर फ्रंट के AIMIM उम्‍मीदवारके चलते मुस्लिम वोटों के बिखराव को रोकना महागठबंधन के सामने बड़ी चुनौती है.इसी के चलते महागठबंधन की उम्मीदवार अनीता भूषण गांव-गांव की खाक छान रही हैं.

बिहार के 'लेनिनग्राद' बेगूसराय में NDA को बागियों से खतरा, महागठबंधन को सता रहा भितरघात का डर

बेगूसराय में NDTV से बातचीत के दौरान वोटरों ने खुलकर अपनी राय रखी

बेगूसराय :

Bihar Assembly Elections 2020: बिहार के लेनिनग्राद कहे जाने वाले बेगूसराय (Begusarai) में वामपंथ की सियासी लड़ाई बेहद रोचक है. बीजेपी-JDU जहां अपने बागी उम्मीदवारों से परेशान है वहीं बेगूसराय की 7 विधानसभा में से 4 सीट को वाम दलों को देने से महागठबंधन में भी भितरघात की आशंका है. दूसरे शब्‍दों में कहें तो बेगूसराय की सियासी जमीन पर वामपंथ और दक्षिणपंथ के बीच सीधा मुकाबला चल रहा है..दोनों ही दलों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है, लेकिन NDA के सामने बड़ी चुनौती LJP के अलावा BJP और JDU के बागी हैं जो बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह के खिलाफ यहां खुली बगावत कर रहे हैं.

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निर्दलीय उम्मीदवार आशुतोष पोद्दार कहते हैं, 'यहां पिछडे वर्ग का नेता होना चाहिए लेकिन सांसद ने अपनी जाति को यहां ज्यादा तवज्जो दी है. इस बार 10 तारीख को पता चल जाएगा. ग्रैंड सेकुलर फ्रंट के AIMIM उम्‍मीदवारके चलते मुस्लिम वोटों के बिखराव को रोकना महागठबंधन के सामने बड़ी चुनौती है.इसी के चलते महागठबंधन की उम्मीदवार अनीता भूषण गांव-गांव की खाक छान रही हैं. महागठबंधन की ओर से कांग्रेस की प्रत्‍याशी अनिता भूषण कहती हैं, 'कब तक 15  साल दिखाकर लोगों को डराते रहेंगे. मुजफ्फरनगर में बालिकाओं का शोषण किसके राज में हुआ था.'

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बेगूसराय के भूमि संघर्ष में वाम दलों के 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनकी याद में जगह जगह आपको इस तरह के तोरणद्वार दिख जाएंगे. अब इसी भूमि संघर्ष के दम पर 75 साल के पूर्व सांसद जगन्नाथ प्रसाद सिंह 7 में से 4 सीटों पर वामदलों को जिताने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं. पूर्व सीपीआई सांसद जगन्नाथ प्रसाद सिंह ने कहा, 'हमने भूमि संघर्ष किया.135 से ज्यादा नौजवानों का खून देकर सामंतों की तीन हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर लाल झंडा लगाकर लोगों को बसाया.'2015 में बेगूसराय की सात सीटों में से एक सीट पर बीजेपी और दो पर JDU ने जीत हासिल की थी. राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी जीती हुई सीट छोड़कर वाम दलों पर दांव लगाया है. अब चुनावी परिणाम बताएंगे कि वोटर किसके साथ हैं. 

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