बिनायक सेन पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

खास बातें

  • बिनायक सेन के लिए अदालत में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी बहस करेंगे। जेठमलानी ने पहले खुद ही बिनायक सेन का मुकदमा लड़ने की पेशकश की थी।
रायपुर:

नक्सलियों को मदद देने के आरोप में देशद्रोह की सजा पाए सामाजिक कार्यकर्ता बिनायक सेन की अर्जी पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। रायपुर की जिला अदालत ने उन्हें उम्र कैद की सज़ा सुनाई। बिनायक सेन के साथ-साथ कोलकाता के एक कारोबारी पीयूष गुहा और माओवादी विचारक नारायण सान्याल को भी देशद्रोह के आरोप में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। बिनायक सेन के लिए अदालत में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी बहस करेंगे। राम जेठमलानी ने कुछ दिन पहले खुद ही बिनायक सेन कामुकदमा लड़ने की पेशकश की थी। देशद्रोह एक बेहद गंभीर मामला है और बिनायक सेन के खिलाफ आए इस फैसले का काफी विरोध भी हुआ है। इस सुनवाई में कई मुद्दों पर बहस हो सकती है जैसे राष्ट्रद्रोह के लिए बैठक कहां हुई। जेल अधिकारियों ने अपने साक्ष्य में कहा है कि डॉक्टर सेन और नारायण सान्याल उनके सामने मिलते थे तो साजिश के लिए बैठक कहां हुई। होटल के कमर्चारियों ने बातचीत से इनकार किया है। डॉक्टर सेन और गुहा के मिलने की बात से होटल मालिक मुकर चुके हैं। मुख्य सवाल यह भी है कि क्या एक कथित नक्सली नेता से मिलना अपराध है। क्या एक ऐसे व्यक्ति से मिलना अपराध है जिस पर नक्सली होने के आरोप हैं और ऐसा है तो जेल में उनसे रोज मिलने वाले जेल अधिकारी भी दोषी चिट्ठियों में हिंसा से जुड़ी कोई बात नहीं है। पीयूष गुहा के पास से बरामद चिट्टियों में हिंसा की कोई बात नहीं है। जो किताबें पीयूष गुहा के पास से मिलीं वो खुले आम बिकती हैं। गुहा के पास जो माओवादी किताबें मिलीं उन पर उनका मूल्य और कहां छपी यह लिखा है। पुलिस उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करती। इस सुनवाई पर देश और दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। बिनायक सेन की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहने के इरादे से यूरोपीय यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा है, लेकिन हवाई अड्डे पर उसे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी पर एतराज़ जताया है। एयरपोर्ट पर लोगों ने प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ़ नारे लगाए और उनके वापस जाने की मांग की।

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