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बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने की प्रियंका गांधी की तारीफ, कहा- उनमें लोगों को इंदिरा गांधी की झलक दिखती है

शिवसेना (Shiv Sena) के नेता मनीष कयांदे ने कहा कि आज लोग उनमें इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं. प्रियंका (Priyanka Gandhi) के सक्रिया राजनीति में आने से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा होगा.

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बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने की प्रियंका गांधी की तारीफ, कहा- उनमें लोगों को इंदिरा गांधी की झलक दिखती है

प्रियंका गांधी के राजनीति में आने की शिवसेना ने की तारीफ

खास बातें

  1. प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने दिया है पूर्वी यूपी प्रभार
  2. राहुल गांधी ने बुधवार को कहा - बहन को मिशन को भेजा है
  3. बीजेपी ने कांग्रेस के फैसले पर जताई हैरानी
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की सक्रिय राजनीति में आने के फैसले की तारीफ की है. इतना ही नहीं शिवसेना (Shiv Sena) ने प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से तुलना की है. शिवसेना (Shiv Sena) के नेता मनीष कयांदे ने कहा कि आज लोग उनमें इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं. प्रियंका (Priyanka Gandhi) के सक्रिया राजनीति में आने से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा होगा. कयांदे ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के अच्छे व्यक्तित्तव का फायदा जरूर मिलेगा. वह मतदाताओं में को अपने पक्ष में कर सकती है. उनकी यही अच्छाई उनकी दादी (इंदिरा गांधी ) से मेल खाती है. पहले भी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की वजह से कांग्रेस को कई चुनाव में बड़ा फायदा पहुंचा है. उन्होंने कहा कि प्रियंका युवाओं के बीच सबसे ज्यादा प्रचलित हैं. 

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गौरतलब है कि कांग्रेस (Congress) ने प्रियंका गांधी को पार्टी महासचिव बनाकर पूर्व उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि हम उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलना चाहते हैं. हम कांग्रेस की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा था कि हमारी मायावती और अखिलेश जी से कोई भी दुश्मनी नहीं है, हम तीनों का लक्ष्य भाजपा को हराना है. राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था हम उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलना चाहते हैं. मैं मायावती जी और अखिलेश जी का आदर करता हूं. हम तीनों का लक्ष्य बीजेपी को हराने का है. हमारी इन दोनों से कोई दुश्मनी नहीं है. हम कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं.'इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि प्रियंका और ज्योतिरादित्य को मैनें यूपी दो महीने के लिए नहीं भेजा है, मैंने उन्हें मिशन दिया है कि वह पार्टी की सच्ची विचारधारा, गरीबों और कमजोरों की विचारधारा को आगे बढ़ाए. भरोसा है कि दोनों अच्छे से काम करेंगे. जो यूपी को चाहिए यहां के युवा को चाहिए वह कांग्रेस पार्टी देगी.

 

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जब उनसे पूछा गया था कि क्या प्रियंका गांधी चुनाव भी लड़ेंगी तो उन्होंने कहा, 'चुनाव लड़ना प्रियंका पर है. हम कहीं पर भी बैकफुट पर नहीं खेलेंगे. हम राजनीति जनता और विकास के लिए करते हैं. हमारे इस फैसले से यूपी में नई तरह की राजनीति आएगी और इससे यूपी में नया उत्साह देखा जाएगा. हम मायावती जी और अखिलेश जी के साथ कहीं भी सहयोग करने को तैयार हैं. कांग्रेस पार्टी की जगह बनाने का काम हमारा है. मुझे खुशी है कि मेरी बहन जो बहुत कर्मठ है कि वह अब वह मेरे साथ काम करेंगी. ज्योतिरादित्य भी बहुत डायनेमिक नेता है. यूपी के युवाओं से अनुरोध है कि आपने बीजेपी के पीछे अपना समय खराब किया है. उन्होंने आपको बर्बाद दिया. हम आपको नया डायरेक्शन देंगे. हम यूपी नंबर वन बनाएंगे. हमारे इस फैसले से भाजपा घबराई हुई है.'

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बता दें, लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने एक बड़ा दांव चला है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी सक्रिय राजनीति में उतर गई हैं. कांग्रेस ने उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया है, उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई है. वे फरवरी के पहले सप्ताह से जिम्मेदारी संभालेंगी. इसके अलावा कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को तुरंत प्रभाव से महासचिव नियुक्त करके पश्चिमी यूपी की कमान सौंपी गई है. कांग्रेस ने इसका ऐलान बुधवार को किया था.

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पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल को संगठन महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो पहले की तरह कर्नाटक के प्रभारी की भूमिका निभाते रहेंगे. संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक गहलोत के राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने के बाद वेणुगोपाल की नियुक्ति की गई है. उत्तर प्रदेश के लिए प्रभारी-महासचिव की भूमिका निभा रहे गुलाम नबी आजाद को अब हरियाणा की जिम्मेदारी दी गयी है.

VIDEO: प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में से कितना फायदा.

 

 

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