पुरुलिया में BJP कार्यकर्ता की हत्या पर कैलाश विजयवर्गीय ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र, जांच की मांग की

बीजेपी के महासचिव कैलाश विजय वर्गीय ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी लिख, इसमें दखल देकर जांच की मांग की है.

पुरुलिया में BJP कार्यकर्ता की हत्या पर कैलाश विजयवर्गीय ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र, जांच की मांग की

कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक और शव मिलने से हड़कंप मच गया. पुरुलिया के डाभा गांव में यह शव बिजली के खंभे से लटका हुआ मिला. जिसे बीजेपी ने पार्टी का कार्यकर्ता होने का दावा किया और इसे हत्या करार दिया. समचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शव 32 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता दुलाल कुमार का है. बीजेपी ने दुलाल कुमार की मौत के लिए टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, हरकत में आई पुलिस ने इस मामले की जांच तुरंत सीआईडी को सौंप दी. मगर बीजेपी इससे संतुष्ट नहीं है. बीजेपी के महासचिव कैलाश विजय वर्गीय ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी लिख, इसमें दखल देने की मांग की है. 

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक और शव मिला, बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- हम शर्मिंदा हैं! शायद प्रजातन्त्र भी शर्मिंदा है!

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या मामले पर एनएचआरसी यानी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है. पत्र में विजय वर्गीय ने लिखा है कि, 'हमें राज्य सरकार, पुलिस और सीआईडी पर भरोसा नहीं है. हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग करे.'

इससे पहले बीजेपी कार्यकर्ता दुलाल कुमार का शव मिलने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए ट्वीट कर कहा कि, 'हम शर्मिंदा हैं! मैंने कल रात पश्चिम बंगाल के ADG लॉ & ऑर्डर अनुज शर्मा से बहुत देर बात की. बलरामपुर के दुलाल की जान खतरे में है. उनसे किसी भी हाल में उसे बचाने के लिए अनेक बार कहा. उन्होंने मुझसे कहा था कि पुलिस पूरी कोशिश कर रही है और मैं स्वयं पूर्ण प्रयास करूंगा.'

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बता दें कि इससे पहले बुधवार यानी 29 मई को पुरुलिया के ही जंगल में बीजेपी कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो का लटका हुआ शव मिला था. आरोपियों ने हत्या कर लाश को पेड़ से टांग दिया था. भारतीय जनता पार्टी ने इसे राजनीतिक हत्या बताया था. 20 साल के त्रिलोचन महतो की लाश घर के पास ही नायलॉन की रस्सी ने लटकती मिली. इतना ही नहीं, त्रिलोचन महतो ने जो टी-शर्ट पहनी थी, उसपर एक पोस्टर चिपका मिला जिसपर लिखा था कि बीजेपी के लिए काम करने वालों का यही अंजाम होगा.