बीजेपी नेता ने पार्टी नेतृत्व से कहा- बिना यह काम हुए SP-BSP,कांग्रेस और RJD का सफाया मुश्किल

बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्वनी उपाध्याय ने कहा है कि भ्रष्टाचार-कालाधन को समाप्त करने पर ही  सपा-बसपा , राजद तथा कांग्रेस का सफाया हो सकता है.

बीजेपी नेता ने पार्टी नेतृत्व से कहा- बिना यह काम हुए SP-BSP,कांग्रेस और RJD का सफाया मुश्किल

सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी नेता अश्निनी उपाध्याय की फाइल फोटो.

नई दिल्ली:

बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्वनी उपाध्याय ने कहा है कि भ्रष्टाचार-कालाधन को समाप्त करने पर ही  सपा-बसपा , राजद तथा कांग्रेस का सफाया हो सकता है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार-कालाधन को समाप्त किये बिना सपा-बसपा, आम आदमी पार्टी, राजद और कांग्रेस का सफाया करना कठिन है.  इसलिए. 100 रुपये से बड़ी नोट और 10 हजार  से अधिक कैश लेनदेन बंद करना होगा. चल-अचल संपत्ति आधार से लिंक करने की जरूरत है. आय से अधिक 100 प्रतिशत संपत्ति जब्त करना आवश्यक है. बेईमानों को आजीवन कारावास की सजा देना बहुत जरूरी है. एक अन्य ट्वीट में अश्ननी उपाध्याय ने कहा कि देश के 722 जिलों में से एक भी जिला भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है. यदि 100 रुपये से बड़ी नोट और 10हजार रुपये से महंगी वस्तुओं का कैश लेन-देन बंद कर दिया जाये तथा एक लाख रुपये से महंगी संपत्तियों को आधार से लिंक किया जाये तो मात्र एक साल में 500 जिले भ्रष्टाचार से मुक्त हो जायेंगे.

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शाह को इस कानून के लिए लिख चुके हैं पत्र
बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट में अब तक 50 से अधिक पीआईएल दाखिल कर चुके हैं. समय-समय पर पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भी सार्वजनिक पत्र लिखकर सुझाव देने और मांग करने से नहीं चूकते. उन्होंने बीते दिनों जनसंख्या नियंत्रण कानून (population control law) बनाने की मांग करते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और सभी सांसदों को पत्र लिखा था. अश्विनी उपाध्याय के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गठित जस्टिस वेंकटचलैया आयोग ने कई सिफारिशों की थीं, जिसके आधार पर पिछली यूपीए सरकार ने मनरेगा, खाद्य सुरक्षा का अधिकार जैसी कई योजनाएं शुरू कीं, मगर उसमें सबसे प्रमुख जनसंख्या नियंत्रण कानून की सिफारिश को दरकिनार कर दिया गया. ऐसे में मौजूदा बीजेपी सरकार को संसद के इसी सत्र में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर पहल करनी चाहिए. अब तक मौजूदा मोदी सरकार भी इस तरफ से मुंह फेरे हुए हैं.

अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि इस कानून में ऐसी ताकत है, जिससे देश में मौजूद हर छोटी से बड़ी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकती है.  अगर आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तमाम मानकों में रैकिंग खराब है तो उसके पीछे भी जनसंख्या विस्फोट ही है. उपाध्याय का तर्क है कि जब तक दो करोड़ बेघरों को घर दिया जायेगा तब तक 10 करोड़ बेघर और पैदा हो जायेंगे. इसलिए एक नया कानून ड्राफ्ट करने में समय खराब करने की बजाय चीन के जनसंख्या नियंत्रण कानून में ही आवश्यक संशोधन कर उसे संसद से पास कराना चाहिए. उपाध्याय ने शीतकालीन सत्र में इस कानून के बिल को लाने की मांग की थी. मगर सत्र समाप्त हुआ, पार्टी ने उनकी मांग पर गौर नहीं किया. 

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