Bengal में बीजेपी नेता की हत्या, गवर्नर बोले-ममता और उनके अफसर अर्जेंट मैसेज का जवाब नहीं देते

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में बीजेपी नेता की हत्या के बाद तृणमूल सरकार और गवर्नर जगदीप धनखड़ के बीच तल्खी फिर बढ़ती नजर आ रही है. गवर्नर ने आरोप लगाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था धवस्त हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके अफसर अर्जेंट मैसेज तक का जवाब नहीं देते.

Bengal में बीजेपी नेता की हत्या, गवर्नर बोले-ममता और उनके अफसर अर्जेंट मैसेज का जवाब नहीं देते

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तकरार बढ़ी

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल (West bangal) के बैरकपुर में बीजेपी (Bjp) नेता की हत्या के बाद तृणमूल (Trinamool) सरकार और राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ के बीच तल्खी फिर बढ़ती नजर आ रही है. गवर्नर ने सोमवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था धवस्त हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata banerjee) और उनके अफसर अर्जेंट मैसेज तक का जवाब नहीं देते.

धनखड़ का कहना है कि उन्होंने रविवार रात 10.47 बजे ममता को अर्जेंट मैसेज भेजकर बातचीत करने को कहा था, लेकिन चीफ मिनिस्टर ने इसकी अनदेखी कर दी. राज्यपाल ने Tweet कर बताया कि कानून-व्यवस्था (Law & order)पर चर्चा करने के लिए उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीजीपी को भी तलब किया है.

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कोलकाता से 20 किलोमीटर दूर बैरकपुर में रविवार को बीजेपी नेता मनीष शुक्ला की बाइकसवार अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. मनीष उस वक्त एक पुलिस स्टेशन के पास ही स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर रहे थे. बीजेपी ने इस हत्याकांड के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ बताया है, पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक प्रतिशोध की वजह से सत्तारूढ़ पार्टी ऐसी हत्याएं करा है.

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राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और दोनों दलों के बीच सियासी तनाव बढ़ता ही जा रहा है. बीजेपी ने सोमवार को राज्य में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. हालांकि तृणमूल ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि हत्या भाजपा के भीतर गुटबाजी का नतीजा है.

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गवर्नर के मुताबिक, राज्य के संवैधानिक प्रमुख होने के नेता लगातार और बेरोकटोक राजनीतिक हत्याओं को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन पुलिस अफसर उनकी नहीं सुनते. उन्होंने ट्वीट किया, @MamataOfficial कानून-व्यवस्था रसातल में पहुंच गई है, न ही अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और न ही डीजीपी जवाब दे रहे हैं. पिछले कुछ महीनों में भाजपा और तृणमूल के एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है.