महाराष्ट्र: राज्य में सत्ता के साथ ही भाजपा ने नासिक और कोल्हापुर जिला परिषद के शीर्ष पद भी गंवाए

जिला परिषदें अहम स्थानीय निकाय हैं और कई बार तो उन्हें ‘मिनी मंत्रालय’ (मिनी सचिवालय) भी कहा जाता है. ऐसा उनकी शक्तियों की वजह से कहा जाता है.

महाराष्ट्र: राज्य में सत्ता के साथ ही भाजपा ने नासिक और कोल्हापुर जिला परिषद के शीर्ष पद भी गंवाए

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • नासिक और कोल्हापुर जिला परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद हारी
  • शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा के गठबंधन के हाथों गुरुवार को मिली हार
  • भाजपा सांगली जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद बचाने में कामयाब रही
मुंबई:

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नासिक और कोल्हापुर जिला परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा के गठबंधन के हाथों गुरुवार को हार गई. हालांकि भाजपा सांगली जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद बचाने में कामयाब रही, जहां शिवसेना के सदस्यों ने उसका समर्थन करने का फैसला किया. जिला परिषदें अहम स्थानीय निकाय हैं और कई बार तो उन्हें ‘मिनी मंत्रालय' (मिनी सचिवालय) भी कहा जाता है. ऐसा उनकी शक्तियों की वजह से कहा जाता है. बता दें, राज्य में भाजपा-शिवसेना का गठबंधन खत्म होने के बाद तीन जिला परिषदों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया है.

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कोल्हापुर और नासिक में शिवसेना ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव के दौरान कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिला लिया. नासिक में शिवसेना के बालासाहेब क्षीरसागर अध्यक्ष और राकांपा के सयाजी गायकवाड़ उपाध्यक्ष बने हैं. वहीं, कोल्हापुर जिला परिषद में कांग्रेस के बजरंग पाटिल अध्यक्ष बने हैं, जबकि राकांपा के सतीश पाटिल उपाध्यक्ष बने हैं. सांगली में भाजपा के प्रजाकता कोरे और शिवाजी डोंगरे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बने हैं, क्योंकि शिवसेना के तीन सदस्यों ने भाजपा के लिए मतदान किया.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)