उत्तर प्रदेश में बीजेपी की परिवर्तन यात्रा से सामने आ सकता है मुख्यमंत्री पद का चेहरा : सूत्र

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की परिवर्तन यात्रा से सामने आ सकता है मुख्यमंत्री पद का चेहरा : सूत्र

लखनऊ में आयोजित दशहरा उत्सव में शिरकत करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  • यात्रा सहारनपुर, ललितपुर, बलिया व सोनभद्र से 5, 6, 8, 9 नवंबर को चलेगी
  • यात्रा 25 दिसंबर को लखनऊ में पूरी होंगी, जहां पीएम जनता को संबोधित करेंगे
  • वे सांसद-विधायक यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनावक्षेत्र रास्ते में आएंगे
नई दिल्ली:

अगले साल होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत राज्यभर में होने जा रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विशाल परिवर्तन यात्रा से पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा चुनने में मदद मिल सकती है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में किसे पेश किया जाना है, यह फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा, लेकिन यह परिवर्तन यात्रा राह दिखाने का काम करेगी. सूत्रों ने कहा कि इससे पार्टी को अंतिम फैसला लेने में सहायता मिलेगी.

परिवर्तन यात्रा नवंबर माह के शुरुआती दिनों में राज्य के चार अलग-अलग कोनों से शुरू होगी, और इसके तहत देश के सबसे बड़े राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भी उन मुद्दों में शामिल होगा, जो इस यात्रा के दौरान उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, "कैसे संभव है कि बीजेपी सेना की बहादुरी की चर्चा न करे, जबकि यह फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने ही लिया था..."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."

इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.

इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.

इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.

सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.

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जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.