जानिए 25 दिसंबर के बजाय एक हफ्ते देरी से क्‍यों हुई बीजेपी की परिवर्तन रैली

जानिए 25 दिसंबर के बजाय एक हफ्ते देरी से क्‍यों हुई बीजेपी की परिवर्तन रैली

25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्‍मदिन यूपी में परिवर्तन रैलियों का समापन होना था

पिछले कई महीनों से चल रही परिवर्तन रैलियों का आज लखनऊ में पीएम नरेद्र मोदी की रैली के साथ समापन हो गया. दरअसल इस कार्यक्रम का समापन 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्‍मदिन के साथ होना था ताकि राज्‍य के सभी क्षेत्रों से होकर परिवर्तन रैली का यहां समापन हो सके.

लेकिन 30 दिसंबर को नोटबंदी की मियाद खत्‍म होने जा रही थी. इसलिए सूत्रों के मुताबिक बीजेपी में अंदरखाने यह तय हुआ कि उसके बाद ही रैली को रखा जाए ताकि नोटबंदी के असर को भी इस रैली के जरिये देखा जा सके.

अब 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री के राष्‍ट्र के नाम संबोधन के बाद इस रैली के लखनऊ में आयोजन के साथ ही माना जा रहा है कि चुनाव में आचार संहिता लागू होने से पहले प्रधानमंत्री इस रैली के जरिये यूपी को कुछ सौगातें देकर चुनावी रणभेरी भी बजा सकते हैं.

उल्‍लेखनीय है कि राज्‍य में बीजेपी के सभी 403 सीटों पर परिवर्तन यात्राएं आयोजित की. उसके साथ ही चार नवंबर से सहारनपुर से परिवर्तन रैलियों की शुरुआत हुई. उस रैली में संबोधन के साथ ही नरेंद्र मोदी ने इसका आगाज किया था.

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