दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के BSF जवानों ने 94 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया..

छुड़ाए गए मवेशियों की भारतीय बाजार में कीमत तकरीबन 15 लाख रुपए हैं. इन मवेशियों को तस्करी कर भारत से बांग्लादेश ले जाया जा रहा था.

दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के BSF जवानों ने 94 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया..

जवानों ने 94 मवेशियों को पशु तस्‍करों के चंगुल से मुक्‍त कराया

नई दिल्ली:

दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने विशेष ऑपरेशन के दौरान तस्करों के चंगुल से 94 मवेशियों (Cattle Smuggling) को  मुक्त कराया.छुड़ाए गए मवेशियों की भारतीय बाजार में कीमत तकरीबन 15 लाख रुपए हैं. इन मवेशियों को तस्करी कर भारत से बांग्लादेश ले जाया जा रहा था. गत 20-21 जुलाई को मिली गुप्त सूचना पर कार्यवाही करते हुए सीमा चौकी  खारपारा, 117 वीं बटालियन के जवानों ने पद्मा नदी की शाखा, बरसाती नाला के पास एक विशेष अभियान चलाया. रात लगभग 11:40 बजे बीएसएफ के जवानों ने बरसाती नाले में तस्करों को मवेशियों के साथ आते हुए देखा जो कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा को पार कर बांग्लादेश में मवेशियों की तस्करी की फिराक में थे.

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बीएसएफ के जवानों के देखे जाने के बादतस्करों ने जबरदस्ती मवेशियों की तस्करी को अंजाम देना चाहा. यही नहीं, उन्‍होंने गुट बनाकर जवानों पर हमला करने की कोशिश की. इस पर जवानों में अपनी आत्मरक्षा में non-lethal हथियार से 6 राउंड फायर किए जिसके बाद पशु तस्‍कर भाग निकले. इलाके की तलाशी के दौरान 64 मवेशी बरामद किए गए.

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117 वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कैलाश सिंह मेहता ने जवानों को मिली इस बड़ी सफलता को सराहा है. उन्होंने बताया कि 117 वीं बटालियन की कुछ सीमा चौकी का इलाका पद्मा नदी की शाखाओं से लगा हुआ है, इन्‍हें बरसाती नाला भी बोलते हैं. भारी बारिश में जब पद्मा नदी में पानी बढ़ जाता है, तो इन बरसाती नालों में भी पानी का जल स्तर भी बढ़ जाता है। जिसके चलते तस्कर बरसाती नाले का प्रयोग कर तस्करी की फिराक में रहते हैं.बीएसएफ के जवानों ने दक्षिण बंगाल बॉर्डर में जिम्मेदारियों के अपने क्षेत्रों से तस्करों के कई तस्करी के प्रयासों को विफल किया है.