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Budget 2019: अमीरों पर लगाम, मध्‍यम वर्ग को थोड़ी राहत और गांव-गरीब-महिला पर मेहरबान

कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश बजट को 'नई बोतल में पुरानी शराब' करार दिया और कहा इसमें कुछ भी नया नहीं है.  

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खास बातें

  1. जीरो बजट खेती दूसरे राज्यों में भी लागू करने का प्रस्ताव
  2. आयातित किताबों पर 5 प्रतिशत बेसिक सीमा शुल्क
  3. सोना और अन्य मूल्यवान धातुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा
नई दिल्ली:

सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत कर दिया है. पहले इसके 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.3 प्रतिशत किया जा रहा है. सरकार ने फरवरी में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश बजट को 'नई बोतल में पुरानी शराब' करार दिया और कहा इसमें कुछ भी नया नहीं है.  लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''इसमें कुछ भी नया नहीं है. पुरानी बातों को दोहराया गया है. यह नयी बोतल में पुरानी शराब है.'' कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है.

मिडिल और लोअर क्लास को क्या मिला
नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल में छोटे दुकानदारों एवं कारोबारियों को पेंशन सुविधा के लाभ की घोषणा की है. डेढ़ करोड़ से कम के सालाना कारोबार वाले तीन करोड़ छोटे दुकानदार एवं कारोबारी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.  45 लाख तक के होम लोन पर 3.5 लाख तक की छूट और 5 लाख से कम सालाना आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा. 


अमीरों पर टैक्स
अमीरों पर टैक्स2 से 5 करोड़ की कमाई पर 3 फ़ीसदी और 5 करोड़ से ऊपर की टैक्सेबल आय पर 7 फ़ीसदी का सरचार्ज.

इलेक्ट्रानिक वाहनों को बढ़ावा
भारत की आयातित पेट्रोलियम पदार्थों पर बढ़ती निर्भरता को घटाने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार ने आम बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को विभिन्न तरह से प्रोत्साहन देने की घोषणा की है. इनमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए लिए गये कर्ज पर डेढ़ लाख रूपये तक के ब्याज पर अतिरिक्त आयकर कटौती का प्रस्ताव शामिल है.

महिला उद्यमिता को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए समिति के गठन का प्रस्ताव किया है. यह समिति देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उपाय सुझाएगी. साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहयोग करेगी. सीतारमण ने सभी जिलों में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के विस्तार का प्रस्ताव करते हुए कहा कि प्रत्येक एसएचजी से एक महिला को मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार कई तरीके श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित करेगी। सीतारमण ने कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को श्रमबल की कमी का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भारत नई पीढ़ी के कौशल कृत्रिम मेध (एआई), रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा. 
 

सरकारी कंपनियों में विनिवेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ उपक्रमों (सीपीएसई) में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 51 प्रतिशत से नीचे लाने पर विचार करेगी. इस पर मामला दर मामला विचार होगा. वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में 51 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखने की नीति में संशोधन करने का फैसला किया है.

कारपोरेट टैक्स 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को 400 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर 25 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट कर लगाने का प्रस्ताव किया. अभी तक 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर 25 प्रतिशत की दर से कर लगता था.

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीणों को सौगात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)- ग्रामीण के तहत अगले दो साल में 1.95 करोड़ घर बनाएगी. सीतारमण ने अपने पहले बजट में कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रमों के केंद्र में गांव , गरीब और किसान हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण की अवधि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्लेटफार्म और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से घटकर 114 दिन रह गई है. 2015-16 में इस योजना के तहत घरों के निर्माण में 314 दिन लगते थे. इन घरों में बिजली , एलपीजी कनेक्शन और शौचालय उपलब्ध होगा.

शिक्षा 
सरकार नई शिक्षा नीति लाएगी. साथ ही शिक्षा की क्ववालिटी को भी बढ़ावा दिया जाएगा. विदेशी छात्रों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में आकर्षित करने के लिये ‘भारत में पढ़ो' कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. वैश्विक स्तर के संस्थान के लिये 400 करोड़ रुपये का प्रावधान, यह पिछली सरकार के संशोधित अनुमान का तीन गुना अधिक.  

बड़े विनिर्माण संयंत्र लगाने की तैयारी
सौर ऊर्जा चार्जिंग ढांचागत सुविधा और कंप्यूटर सर्वर जैसे उभरते और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में बड़े विनिर्माण संयंत्र लगाने को लेकर पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली हेतु वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने को लेकर योजना शुरू की जाएगी. 

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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