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CAA पर BJP सांसद की धमकी- इस कानून को लागू नहीं करने वाले राज्यों में लगेगा राष्ट्रपति शासन

उन्होंने कहा है कि संसद में कानून पास हुआ है राज्य सरकारें और नागरिक इसे मानने के लिए बाध्य हैं, अगर नहीं पालन होगा तो राष्ट्रपति शासन लगेगा.

होशंगाबाद:

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. यही कारण है कि बीजेपी घर घर जाकर लोगों को जागरुक करने जा रही है. लेकिन वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के होशंगाबाद से बीजेपी सांसद उदय प्रताप सिंह का चेतावनी देते हुए बयान सामने आया है जिसमें वो कह रहे हैं जो राज्य CAA लागू नहीं करेंगे वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा है कि संसद में कानून पास हुआ है राज्य सरकारें और नागरिक इसे मानने के लिए बाध्य हैं, अगर नहीं पालन होगा तो राष्ट्रपति शासन लगेगा.

उन्होंने कहा, 'एक गणतंत्रीय व्यवस्था हमारे देश की है. भारत की सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में जो प्रस्ताव पास किया है, उन दलों के लोग वहां पर थे. आप अल्पमत में थे, आप पराजित हुए. आपको मौका मिला वहां बहस में शामिल होने का, आपको मौका मिला मतदान का, उसके बाद वो प्रस्ताव पास हुआ. देश में संविधान में संशोधन करके कानून बना है. उस कानून को प्लान करने के लिए राज्य सरकारें बाध्य हैं और अगर राज्य सरकार उस कानून का पालन नहीं करेगी तो मुझे लगता है राष्ट्रपति को निर्णय करना पड़ेगा, उन राज्य सरकारों को भंग करके वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाकर राज्यपाल गवर्न्ड स्टेट करने का.'

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साथ ही उन्होंने कहा, 'और ये 356 धारा का इस्तेमाल जो हिंदुस्तान में अनेक बार पहले हुआ है, वो नहीं भूलें कि हिंदुस्तान एक फेडरल स्ट्रक्चर के हिसाब से चलने वाला देश है. अगर भारत सरकार द्वारा बनाया गया ऐसा कानून जो बाध्य है राज्य सरकार और नागरिक पालन करने के लिए जो उसका पालन नहीं करेगा स्वाभाविक रूप से क़ानून सम्मत निर्णय भारत की सरकार, कैबिनेट करेगी और राष्ट्रपति उसके अनुसार निर्णय करेंगे. आवश्यकता होगी अगर राज्य सरकार कहीं भंग करके भी देश के क़ानून को स्थापित करने का काम सरकार को करना पड़ेगा वो भी भारत की सरकार करेगी.'

वहीं एक अन्य खबर के मुताबिक भाजपा के राज्यसभा सदस्य विजय गोयल और पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू सहित पार्टी के नेताओं ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हाल में हुए हिंसक प्रदर्शनों के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन किया और दिल्ली के अजमेरी गेट क्षेत्र में इस कानून के बारे में जागरुकता उत्पन्न की. गोयल ने अपनी पार्टी का यह आरोप दोहराया कि कांग्रेस और आप सीएए के खिलाफ शहर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार हैं. 

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गोयल ने कहा कि वह नये कानून को लेकर मंगलवार को सदर बाजार से जामा मस्जिद तक पदयात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा में सभी धर्म और समूहों के लोग शामिल होंगे और इस बारे में सूचना फैलाएंगे कि यह कानून किसी की नागरिकता नहीं लेता. जाजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा चिंताओं के समाधान के लिए यह संशोधित कानून लाया है. 

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उन्होंने आरोप लगाया, ‘विपक्षी पार्टियां इसे राजनीति और वोट बैंक के नजरिये से देख रही हैं और इसी कारण से वे एक विशेष समुदाय में झूठ फैला रही हैं.' गोयल ने दावा किया कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है और इसको लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) प्रत्येक 10 वर्षों पर अद्यतन किया जाता है और इससे सरकार को नीतियां बनाने में मदद मिलती है.