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जालसाज़ी कर आईजीएसटी क्लेम करने वालों के खिलाफ अभियान, 336 जगहों पर हुई छापेमारी

डॉयरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस और डीआरआई ने अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है और उन एक्सपोर्टरों के यहां छापेमारी की है जो जालसाज़ी कर आईजीएसटी क्लेम करते हैं.

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जालसाज़ी कर आईजीएसटी क्लेम करने वालों के खिलाफ अभियान, 336 जगहों पर हुई छापेमारी

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली :

डॉयरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस और डीआरआई ने अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है और उन एक्सपोर्टरों के यहां छापेमारी की है जो जालसाज़ी कर आईजीएसटी क्लेम करते हैं. पूरे देश में 336 जगहों पर छापेमारी हुई है, जिसमें दिल्ली ,हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश ,तेलंगाना,गुजरात,महाराष्ट्र ,तमिलनाडु,पश्चिम बंगाल,कर्नाटक,पश्चिम बंगाल,पंजाब ,राजस्थान,हिमाचल प्रदेश ,उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक11 सितंबर को हुई छापेमारी में 1200 अफसर शामिल थे. डेटा एनालिटिक्स के आधार पर, दोनों एजेंसियों ने खुलासा किया कि कुछ निर्यातक भारत से बाहर माल का निर्यात कर रहे हैं. कर का भुगतान (IGST)लगभग पूरी तरह से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से किया जा रहा है जो फर्जी आपूर्ति के आधार पर लिया गया.  

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इसके अलावा,ऐसे IGST भुगतान या निर्यात पर रिफंड के रूप में दावा किया गया. एनालिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट (DGARM), द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार विश्लेषण किया गया , जिसमें कस्टम के निर्यात डेटा के  साथ निर्यातकों के संबंधित जीएसटी डेटा के साथ का मिलान किया गया. जिन्हें लाल फिल्टर के जरिये पहचाना गया.यह भी देखा गया कि निर्यातकों द्वारा नकदी के माध्यम से कर का कोई भी भुगतान नहीं किया गया है. कुछ मामलों में, यहां तक ​​कि आईटीसी के माध्यम से भुगतान किया गया. टैक्स भी आईटीसी से अधिक था. इस खुफिया सूचना के आधार पर बड़े पैमाने पर खोज की गई. 

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 3 दिन लंबे ऑपरेशन से पता चला कि कई इकाइयां पूरे देश में फैली हैं जो या तो अस्तित्वहीन थी या काल्पनिक पतों पर थीं. जांच में पता चला कि 470 करोड़ रुपये कीमत का इनपुट टैक्स क्रेडिट जिसकी इनवॉइस वैल्यू करीब 3500 करोड़ रुपये है ,वो फर्जी है जिसका आगे उपयोग किया गया है. ITC और दावा के माध्यम से IGST के भुगतान पर निर्यात को प्रभावित करने के लिए, इसके अलावा, 450 करोड़ रुपये के आईजीएसटी रिफंड अमाउंट की जांच चल रही है.इसके अलावा, इनमें से कुछ निर्यात खेप हैं. निर्यातकों को वडोदरा रेल कंटेनर टर्मिनल, मुंद्रा बंदरगाह पर रोक दिया गया है और इनकी जांच चल रही है



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