बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए थम गया प्रचार

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत जिन 71 विधानसभा क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को मतदान होना है, उनके लिए सोमवार की शाम प्रचार समाप्त हो गया.

पटना:

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत जिन 71 विधानसभा क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को मतदान होना है, उनके लिए सोमवार की शाम प्रचार समाप्त हो गया. बिहार विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश में सत्ताधारी राजग का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन रैलियों को संबोधित की जहां उन्होंने मतदाताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में फिर से राजग की सरकार बनाने का अपील की. बिहार के विपक्षी महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रथम चरण में दो रैलियों को संबोधित किया. उनकी पार्टी कांग्रेस लालू प्रसाद की राजद और तीन वाम दलों के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ रही है.

भाजपा ने देश भर के कई दिग्गज नेताओं को प्रथम चरण के चुनाव प्रचार में लगा रखा था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे भाजपा के स्टार प्रचारकों ने केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों जैसे अयोध्या में राम मंदिर, तीन तालक, धारा 370 को हटाए जाने का बार-बार हवाला दिया. 69 वर्षीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज़ोरदार प्रचार अभियान की शुरूआत वर्चुअल रैलियों से की और उसके बाद दर्जनों चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ भी मंच साझा किया.

आम तौर पर ठंडे मिजाज के माने जाने वाले नीतीश को कई जनसभाओं में अपने विरोध करने वालों को शांत करने समय भड़कते हुए देखा गया. राजद नेता तेजस्वी यादव, जिन्हें विपक्षी महागठबंधन ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में इस चुनाव में पेश किया है, की रैलियों में अधिक संख्या में लोगों के आने ने उनके आलोचकों और विरोधियों की चिंता बढ़ा दी है. इस चुनाव के दौरान लोजपा प्रमुख चिराग पासवान चर्चा का केंद्र बने रहे, जिन्होंने राजग में सहयोगी जद (यू) से नाता तोड़ लिया है और उन सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जहां से जद (यू) के उम्मीदवार खड़े हैं. अपने पिता रामविलास पासवान की मृत्यु और उनके श्राद्ध कर्म के बाद 37 वर्षीय चिराग ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करना शुरू किया. राज्य में अब तक प्रचार करने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी, कांग्रेस नेता राज बब्बर और शत्रुघ्न सिन्हा, बसपा सुप्रीमो मायावती और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं. सीपीआई के उभरते नेता कन्हैया कुमार भी मुख्य रूप से वाम दलों के उम्मीदवारों के लिए प्रचार अभियान में शामिल हुए.

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इसके अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का घोषणापत्र को जारी किया, जिसमें अन्य बातों के अलावा मुफ्त कोरोना वायरस टीकाकरण का वादा किया गया है. कई प्रमुख नेता चुनाव प्रचार करते समय कोरोना वायरस संक्रमित हो गए जिनमें उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी और सैयद शाहनवाज हुसैन भी शामिल हैं. कुल मिलाकर 1066 उम्मीदवार चुनाव के पहले चरण में अपना भाग्य आजमा रहे हैं, जिनमें से 114 महिलाएं हैं. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत जिन 71 विधान सभा क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को मतदान होगा, उनके लिए सोमवार को शाम छह बजे से चुनाव प्रचार-प्रसार का कार्यक्रम थम गया. गौरतलब है कि प्रथम चरण में कुल 31,371 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं तथा सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्ध सैनिक बल तैनात रहेंगे.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)