NDTV Khabar

देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना नाराज? तो सारे कार्यक्रम कैंसिल कर नागपुर पहुंचे नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर आनन-फानन में नागपुर पहुंच गए हैं. माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने की समय सीमा पूरे होने के एक दिन पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं .

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना नाराज? तो सारे कार्यक्रम कैंसिल कर नागपुर पहुंचे नितिन गडकरी

खास बातें

  1. नागपुर पहुंचे गडकरी
  2. संघ प्रमुख से हो सकती है मुलाकात
  3. फडणवीस से शिवसेना नाराज
नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर आनन-फानन में नागपुर पहुंच गए हैं. माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने की समय सीमा पूरे होने के एक दिन पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सूत्रों का कहना है कि नागपुर में नितिन गडकरी संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. गडकरी ने भी NDTV से बातचीत में कहा है कि वह नागपुर जा रहे हैं जहां वह महाराष्ट्र को लेकर उनकी मुलाकात कुछ लोगों से होगी. आपको बता दें यह सब कुछ ऐसे समय हो रहा है जब सीएम बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने जा रहा है.  नितिन गडकरी का नाम भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लेकर चल रहा है और कहा जा रहा है कि वह शिवसेना के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना नेता सीएम देवेंद्र फडणवीस के रवैये से काफी नाराज हैं जिन्होंने खुलकर उनकी 50-50 को खारिज कर दिया है.  इससे पहले देवेंद्र फडणवीस भी संघ प्रमुख मोहन भागवत से मंगलवार को मुलाकात कर चुके हैं. 

क्या अयोध्या पर आने वाले फैसले की वजह से शिवसेना के साथ जाने से हिचक रहे हैं कांग्रेस-NCP?


वहीं शिवसेना संजय राउत ने संघ प्रमुख और शिवसेना उद्धव ठाकरे की मुलाकात या बातचीत की खबरों को गलत बताया है. .यहां गौर करने वाली बात यह है कि शिवसेना जहां देवेंद्र फडणवीस को 'जाता हुए मुख्यमंत्री (outgoing chief minister) बताती है तो वहीं पार्टी नितिन गडकरी को लेकर रुख नरम रहा है. नितिन गडकरी पहले भी महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वह शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के भी काफी नजदीक रहे. इसके साथ ही उनके उद्धव ठाकरे से भी अच्छे संबंध हैं. 

'तुम्हारे पैरों के नीचे ज़मीन नहीं...', शिवसेना नेता संजय राउत के नए ट्वीट के क्या हैं मायने? 

इससे पहले शिवसेना किशोर तिवारी ने मोहन भागवत को चिट्ठी लिखकर कहा था कि शिवसेना और बीजेपी के बीच जारी विवाद को सुलझाने के लिए नितिन गडकरी को कहा जाना चाहिए. आपको बता दें कि 24 अक्टूबर को आए नतीजों में बीजेपी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें आई हैं. गठबंधन ने बहुत का 145 का आंकड़ा भी पार कर लिया है लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग कर दी है जिसके तहत ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री रहेगा और ढाई साल बीजेपी का. लेकिन सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि पूरे पांच साल सीएम का पद शिवसेना के ही पास रहेगा.

टिप्पणियां

BJP का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से करेगा मुलाकात


 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement