बंगाल में कोरोना का मामला सामने आने के बाद ममता की सख्ती- 'VIP होने का दावा कर नहीं बच सकते जांच से...'

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस (Coronavirus) का पहला मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.

खास बातें

  • बंगाल में कोरोना वायरस का पहला मामला आया सामने
  • ममता बनर्जी ने कहा, "लापरवाही नहीं बरती जाएगी"
  • 'लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें'- ममता बनर्जी
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस (Coronavirus) का पहला मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. ममता बनर्जी ने एक कार्यक्रम में कहा, 'आप वीआईपी स्टेटस का दावा कर COVID-19 परीक्षणों से बच नहीं बच हैं.' 

बता दें कि ब्रिटेन से रविवार को लौटा IAS अधिकारी का बेटा कोरोना वायरस की जांच कराने से पहले कई लोगों के संपर्क में आया था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को 'वीआईपी स्टेटस का दावा करने वालों' द्वारा किया जाने वाले व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना बताया. 

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18 वर्षीय छात्र के कोरोना वायरस से पीड़ित होने की रिपोर्ट आने से एक दिन पहले उसकी मां जो राज्य सरकार में एक वरिष्ठ नौकरशाह भी हैं सचिवालय में गईं और कई बैठकों में शामिल हुईं. बता दें कि वहां मुख्यमंत्री का कार्यालय भी है. 

ममता बनर्जी ने कहा, 'आप वीआईपी स्टेटस का दावा कर COVID 19 की जांच से नहीं बच सकते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी का स्वागत करती हूं जो कोई भी आ रहा है, लेकिन मैं बीमारी का स्वागत नहीं कर सकती, इसके लिए मुझे क्षमा करें. उन्होंने कहा, आप अचानक विदेश से नहीं आ सकते हैं और बिना परीक्षण किए शॉपिंग मॉल में चले जाते हैं और फिर 500 लोग प्रभावित हो जाते हैं. सिर्फ इसलिए कि मेरे परिवार का कोई है प्रभावशाली है मैं जांच नहीं करवाऊंगा. मैं इसका समर्थन नहीं करती.

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'लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें'
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर लोगों को कोरोना वायरस जैसे लक्षण दिखाई दें तो वे लापरवाही न बरतें. बनर्जी ने पुलिस को भी कोरोना वायरस को लेकर झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति खुद में दिखाई दे रहे लक्षणों को छिपाता है और कोई ऐहतियाती कदम नहीं उठाता है, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्हें तत्काल चिकित्सा जांच और इलाज कराना होगा.' बता दें कि देश में कोरोना के 151 मामले सामने आ चुके  हैं और अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है.