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भ्रष्टाचार के मामले में जेल की हवा खाने वाले नेताओं की लंबी है फेहरिस्त, जानें- किसने किस मामले में काटी सजा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया.

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भ्रष्टाचार के मामले में जेल की हवा खाने वाले नेताओं की लंबी है फेहरिस्त, जानें- किसने किस मामले में काटी सजा
नई दिल्ली:

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. एजेंसी के अधिकारी पूर्व वित्त मंत्री को उनके आलीशान आवास से सीबीआई मुख्यालय ले गये, जहां उन्होंने पहली रात गुजारी. सीबीआई गुरुवार को चिदबंरम को कोर्ट में पेश करके, उनके रिमांड की मांग करेगी. लेकिन आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के मामलों में जेल की हवा खाने वाले नेताओं की फेहरिस्त काफी लंबी है. इनमें लालू यादव, जयललिता, ए राजा, ओमप्रकाश चौटाला, जगन्नाथ मिश्र सहित कई कद्दावर नेता शामिल रहे हैं. आइए आपको बताते हैं किस नेता ने किस जुर्म में काटी है सजा

लालू प्रसाद यादव- 
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अभी चारा घोटाले में जेल काट रहे हैं. लालू यादव चारा घोटाले के दो मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं, जबकि अभी कुछ मामलों की सुनवाई चल रही है. साल 1997 में सीबीआई ने लालू यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद उन्हें बिहार की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था. चारा घोटाले में पहले भी लालू यादव जेल में रह चुके हैं. चारा घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव की लोकसभा सदस्यता भी छिन गई थी. 


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जयललिता-
दक्षिण की कद्दावर नेता और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री रही जयललिता भी आय से अधिक संपत्ति मामले जेल गई थी. जयललिता को चार साल की कैद और 100 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. वह तीन हफ्ते तक जेल में रहीं और फिर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा हो गई थीं. इस मामले में जयललिता के साथ ही उनकी सहयोगी शशिकला, दत्तक पुत्र रहे सुधाकरन और शशिकला की भांजी को भी दोषी ठहराया गया था. यह मामला उनके मुख्यमंत्री के पहले कार्यकाल के दौरान का था. 18 साल बाद उन्हें दोषी ठहराया गया था. सियासत से पहले जयललिता फिल्म अभिनेत्री थीं. उन्होंने 1982 में अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी. 5 दिसम्बर 2016 को उनका निधन हो गया था.

जगन्नाथ मिश्र-
लालू यादव के अलावा बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे जगन्नाथ मिश्र को भी चारा घोटाले में सजा हुई थी. बिहार में चारा घोटाला मिश्र के मुख्यमंत्री रहते हुए ही हुआ था, लेकिन यह समाने लालू यादव के कार्यकाल में आया है. जगन्नाथ मिश्र दुमका और डोरंडा निधि से धोखाधड़ी रुपये निकालने का आरोप था. सीबीआई कोर्ट ने उन्हें चारा घोटाले में दोषी ठहराया था और उन्हें चार साल की जेल की सजा सुनाई थी. हालांकि, कोर्ट ने बाद में उनके स्वास्थ्य को देखते हुए जमानत दे दी थी. मिश्र साल 1975 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने, उसके बाद दूसरी बार वह साल 1980 सीएम की कुर्सी पर पहुंचे. तीसरी बार वह साल 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. मिश्र का हालही में निधन हुआ है. मिश्र काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. 

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ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला-
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला अभी टीचर भर्ती घोटाले में जेल की सजा काट रहे हैं. सीबीआई की कोर्ट ने साल 2013 में दोनों को इस मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई थी. दोनों ने साल 1999-2000 में हरियाणा में हुई जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर) भर्ती में घोटाला किया था. उस वक्त हरियाणा के 18 जिलों में 3206 टीचरों की भर्ती हुई थी. हरियाणा में चौटाला परिवार की काफी धाक थी. ओम प्रकाश चौटाले के पिता देवीलाल चौटाले हरियाणा के कद्दावर नेता थे, और उन्होंने भी प्रदेश की कमान संभाली थी. 

सुखराम- 
हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेता रहे सुखराम भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं. सुखराम 1993 के दूरंसचार घोटाले में दोषी करार दिए गए थे, उस वक्त वह केंद्र में दूरसंचार मंत्री थे. सीबीआई ने उनके आधिकारिक आवास से 3.6 करोड़ रुपए जब्त किए थे, उसके 15 साल बाद उन्हें दोषी ठहराया था. सीबीआई ने कहा था कि ये अवैध टेलीकॉम कॉन्ट्रेक्ट के लिए ली गई रकम थी. इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति मामले में भी दोषी ठहराया गया था. टेलीकॉम घोटाले में नाम आने के बाद सुखराम को कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस का गठन किया और चुनाव के बाद भाजपा से गठबंधन कर सरकार में शामिल हो गए थे. 2004 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया, लेकिन साल 2017 में फिर छोड़ दिया और भाजपा ज्वाइन कर ली. इस बार लोकसभा चुनाव में वह अपने पोते के साथ दोबारा से कांग्रेस में शामिल हो गए थे, कांग्रेस ने उनके पोते को मंडी लोकसभा सीट से टिकट दिया था. 

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रशीद मसूद-
उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में से एक रशीद मसूद भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल की हवा खा चुके हैं. उन्हें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए त्रिपुरा को आवंटित एमबीबीएस सीटों पर धोखाधड़ी से अयोग्य उम्मीदवारों को नामित करने के लिए दोषी ठहराया गया था. मसूद साल 1990 और 1991 के बीच केंद्र की विश्वनाथ सिंह सरकार में स्वास्थ राज्य मंत्री थे. मसूद पांच बार लोकसभा सांसद और चार बार राज्यसभा सांसद रहे हैं. उन्होंने आपातकाल के बाद 1977 में जनता पार्टी के टिकट से लोकसभा चुनाव जीता था और जीत हासिल की थी. इसके बाद जनता दल (एस) के साथ आ गए. वर्ष 1994 में सपा में शामिल हुए लेकिन सपा के साथ वह ज्यादा दिन चल नहीं पाए. उन्होंने दो साल बाद ही 1996 में अपनी पार्टी इंडियन एकता पार्टी खड़ी की. इसके बाद वह एक बार फिर समाजवादी पार्टी के साथ आए, लेकिन बाद में वह कांग्रेस के साथ चले गए थे. 

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