सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI 145 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, बताई ये वजह...

CBI के अनुसार Sushant Case की जांच में आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल करने के साथ मौत के सभी पहलू पर विचार किया जा रहा है. किसी भी एंगल को भी अभी किसी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता. 

सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI 145 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, बताई ये वजह...

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने जून में आत्महत्या कर ली थी

नई दिल्ली:

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत (Sushant Singh Rajput Suicide) के मामले की जांच हाथ में लेने के 145 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. CBI ने कहा है कि सुशांत मामले में सभी पहलू पर गौर किया जा रहा है और फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर जांच की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में सीबीआई ने पीएमओ को यह स्टेटस रिपोर्ट भेजी है. स्वामी को 30 दिसंबर को भेजे जवाब में सीबीआई ने कहा, केंद्रीय एजेंसी गहनता और पूरे पेशेवर ढंग से मामले की जांच कर रही है. इसके लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. जांच के दौरान मौत के सभी पहलू पर विचार किया जा रहा है और किसी भी एंगल को भी अभी किसी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता. 


जांच एजेंसी (CBI) ने कहा, जांच के दौरान आधुनिक मोबाइल फोरेंसिक उपकरणों जिनसे डिजिटल उपकरणों का महत्वपूर्ण डेटा निकालकर उनका विश्लेषण किया जाना संभव हो सका. मामले में संबंधित मोबाइल टॉवरों के बेकार हो चुके डेटा का भी गहन विश्लेषण किया गया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बताया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस में सभी संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, ताकि शिकायतकर्ता, उनके पारिवारिक सदस्य और स्वतंत्र सूत्रों की ओर से उठाए गए सभी संदेहों का निदान हो सके. इस मामले में बेहद गहराई से और व्यापक स्तर पर जांच की गई है. 

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वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जांच टीमों ने सभी संबंधित स्थानों, अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर और पटना का दौरा किया. इससे जांचकर्ता और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से जुड़े हालातों के बारे में बेहतर और महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकी. नई दिल्ली की जांच प्रयोगशाला सीएफएसएल के विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल का दौरा किया और जांच की. विशेषज्ञ भी विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रहे हैं.