NDTV Khabar

‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ व्यवस्था शुरू करने के लिये केंद्र ने राज्यों को दिया एक साल का समय

खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि दस राज्य पहले से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पात्रता के मामले में प़ोर्टेबिलिटी उपलब्ध करा रहे हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ व्यवस्था शुरू करने के लिये केंद्र ने राज्यों को दिया एक साल का समय

खाद्य मंत्री रामविलास पासवान

खास बातें

  1. 30 जून 2020 तक का दिया गया है समय
  2. मोदी सरकार के 100 दिन के एजेंडे में शामिल है ये कार्यक्रम
  3. नई प्रणाली से खत्म होंगे फ्रजी राशन कार्ड
नई दिल्ली:

केन्द्र सरकार ने देश में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' व्यवस्था लागू करने के लिये राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को 30 जून 2020 तक का एक साल का समय दिया है. इस व्यवस्था के तहत कोई लाभार्थी देश भर में कहीं से भी सस्ता राशन खरीद सकता है. खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि दस राज्य पहले से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पात्रता के मामले में प़ोर्टेबिलिटी उपलब्ध करा रहे हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा शामिल हैं. 

ओडिशा में बोले पीएम मोदी, हमने चार साल में छह करोड़ से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड रद्द किए

पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगले साल 30 जून 2020 तक पूरे देश में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' व्यवस्था को बिना किसी देरी के लागू कर दिया जायेगा. हमने इस बारे में राज्यों को तेजी से काम आगे बढ़ाने के लिये पत्र लिखा है.'' उन्होंने कहा, नई प्रणाली से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि यदि कोई भी गरीब व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है तो उसे राशन मिलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिये. नई प्रणाली से फर्जी राशन कार्ड भी समाप्त होंगे. 


आधार के अभाव में झारखंड के आदिवासी परिवार राशन कार्ड से वंचित

टिप्पणियां

पासवान ने आगे कहा कि तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा और मध्य प्रदेश सहित 11 राज्यों में राशन कार्ड धारकों के लिये राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की स्थिति में सस्ता राशन मिलना आसान होगा. इन राज्यों में राशन की दुकानों में प्वायंट आफ सेल (पीओएस) मशीनें पहले से ही लगी हुई हैं. खाद्य मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन के एजेंडे में शामिल कार्यक्रमों में यह भी एक कार्यक्रम है. सरकार नवंबर 2016 के बाद से देश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को अमल में लाने के लिये प्रयासरत है. इस कानून के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को सस्ती दरों पर एक से तीन रुपये किलो के दाम पर राशन उपलब्ध कराया जाता है. 

वीडियो: यूपी में फर्जी आधार कार्ड से राशन घोटाला



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement