NDTV Khabar

केन्द्र ने SC से कहा: NIA एमएम कलबुर्गी हत्या की जांच नहीं कर सकता

केन्द्र ने आज उच्चतम न्यायालय से कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेन्सी तर्कवादी एम एम कलबुर्गी हत्याकांड की जांच नहीं कर सकती क्योंकि यह राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय आतंकवाद के मामलों की जांच करने वाली विशेष एजेन्सी है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
केन्द्र ने SC से कहा: NIA एमएम कलबुर्गी हत्या की जांच नहीं कर सकता

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कर्नाटक के धारवाड में एम एम कलबुर्गी की हत्या का मामला
  2. जनवरी में SC ने केंद्र, कर्नाटक सरकार और NIA को नोटिस जारी किया था
  3. कलबुर्गी की 2015 में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी
नई दिल्ली: केन्द्र ने आज उच्चतम न्यायालय से कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेन्सी तर्कवादी एम एम कलबुर्गी हत्याकांड की जांच नहीं कर सकती क्योंकि यह राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय आतंकवाद के मामलों की जांच करने वाली विशेष एजेन्सी है. कलबुर्गी की कर्नाटक के धारवाड़ में 2015 में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई. चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष केन्द्र ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की विशेष जांच दल से जांच के लिये दिवंगत विद्वान और तर्कवादी कलबुर्गी की विधवा उमा देवी कलबुर्गी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तर्क दिया. 

क्या पानसरे, दाभोलकर और कलबुर्गी हत्याकांड की भी अहम कड़ी है केटी नवीन?

केन्द्र की ओर से अतिरिक्त् सालिसीटर जनरल पिंकी आनंद ने राष्ट्रीय जांच एजेन्सी कानून का हवाला दिया और कहा कि यह अपराध कानून के तहत सूचीबद्ध अपराध की श्रेणी में आता है और इसलिए जांच एजेन्सी इसकी जांच नहीं कर सकती. पीठ ने अतिरिक्त सालिसीटर जनरल के इस कथन पर विचार किया और याचिका जुलाई के प्रथम सप्ताह में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया. पीठ ने इस बीच, केन्द्रीय जांच ब्यूरो और महाराष्ट्र तथा कर्नाटक सरकार को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. 

टिप्पणियां
कलबुर्गी की पत्‍नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केन्‍द्र, कर्नाटक और NIA को नोटिस, 6 हफ्तों में मांगा जवाब

हंपी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और शिक्षाविद 77 वर्षीय कलबुर्गी की धारवाड में उनके घर में ही 30 अगस्त, 2015 को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. शीर्ष अदालत ने10 जनवरी को राष्ट्रीय जांच एजेन्सी और सीबीआई तथा दो राज्य सरकारों से उमा देवी के इन आरोपों पर जवाब मांगा था कि इस हत्याकांड की जांच में अभी तक कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है.
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement