केंद्र ने 10 दिनों में चैनलों को जारी की दूसरी एडवाइजरी, कहा- 'राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्ति' को बढ़ावा देने वाला कंटेंट ना दिखाएं

दस दिन के सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से यह दूसरी एडवाइजरी जारी की गई है.

केंद्र ने 10 दिनों में चैनलों को जारी की दूसरी एडवाइजरी, कहा- 'राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्ति' को बढ़ावा देने वाला कंटेंट ना दिखाएं

देशभर में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.

खास बातें

  • बीते 10 दिनों में सरकार ने दूसरी एडवाजरी जारी की है
  • चैनलों को कहा गया है कि राष्ट्र-विरोधी कंटेंट न दिखाएं
  • देशभर में किया जा रहा है सीएए का विरोध
नई दिल्ली:

सरकार ने शुक्रवार को एडवाजरी जारी कर समाचार चैनलों से ऐसी सामग्री का प्रसारण नहीं करने को कहा है जो हिंसा भड़का सकती हैं या राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देती हों. दस दिन के अंदर मंत्रालय की ओर से यह दूसरी एडवाइजरी जारी की गई है. सूचना प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने इससे पहले 11 दिसंबर को एडवाइजरी जारी की थी जब राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पारित होने के साथ इसे संसद की मंजूरी मिल गयी थी. इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन (CAA Protest) शुरू हो गये थे.

यह भी पढ़ें-CAA Protest: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पुलिस कस्टडी में, हिरासत में लिए गए 40 लोगों में 8 नाबालिग भी शामिल

मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी परामर्श में कहा, ‘‘देखने में आया है कि उक्त परामर्श के बावजूद कुछ टीवी चैनल ऐसी सामग्री का प्रसारण कर रहे हैं जो इसमें उल्लेखित कार्यक्रम संहिता की भावना के अनुरूप नहीं लगती.''

इसमें कहा गया, ‘‘तदनुसार दोहराया जाता है कि सभी टीवी चैनल ऐसी विषयवस्तु का प्रसारण करने से बच सकते हैं जो हिंसा भड़का सकती हो या जिसमें कानून व्यवस्था बनाये रखने के खिलाफ कुछ हो या जो राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देती हो.''

मंत्रालय ने समाचार चैनलों से ऐसी भी सामग्री नहीं दिखाने को कहा है जिसमें देश की अखंडता को प्रभावित करने वाली कोई चीज हो, जो निजी रूप से किसी व्यक्ति को या कुछ समूहों को, देश के सामाजिक सार्वजनिक तथा नैतिक जीवन के खंडों को बदनाम करती हो. मंत्रालय ने इनका सख्ती से अनुपालन करने को कहा है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

देखें वीडियो- महाराष्ट्र में कहीं हुआ शांतिपूर्ण विरोध तो कहीं दिखा आक्रोश 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)