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चंडीगढ़ छेड़खानी मामला : बीजेपी बोली, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के इस्तीफे का सवाल ही नहीं

हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला के ख़िलाफ़ छेड़खानी के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

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चंडीगढ़ छेड़खानी मामला : बीजेपी बोली, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के इस्तीफे का सवाल ही नहीं

हरियाणा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे पर छेड़खानी का आरोप है...

खास बातें

  1. सुभाष बराला के बेटे के ख़िलाफ़ छेड़खानी मामले ने तूल पकड़ा
  2. पार्टी महासचिव अनिल जैन ने बराला से फोन पर बात की
  3. जैन ने बराला को सीएम खट्टर से मिलने का निर्देश दिया
नई दिल्ली: हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला के ख़िलाफ़ छेड़खानी के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया है कि इस घटना से जुड़े पांच सीसीटीवी कैमरों के फुटेज गायब हैं. उधर, बीजेपी ने कहा है कि बराला के इस्तीफे का सवाल ही नहीं खड़ा होता. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी महासचिव और हरियाणा के प्रभारी अनिल जैन ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से फोन पर बात की. उनसे चंडीगढ़ की घटना की पूरी जानकारी ली जिसमें उनका बेटा शामिल है. जैन ने बराला को निर्देश दिया कि वो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलकर उन्हें मामले के सारे तथ्यों से अवगत कराएं. बीजेपी सूत्रों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा. बराला के इस्तीफे का प्रश्न ही नहीं है. ये उनके बेटे का मामला है. इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है. 

वहीं, सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग उनकी पार्टी में ही उठने लगी है. कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी ने सुभाष बराला का इस्तीफा मांगा. सैनी ने कहा है कि संस्कार घर से आते हैं और बराला को पार्टी की छवि बचाने के लिये इस्तीफा दे देना चाहिए. 

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उधर, इस मामले में एसएसपी चंडीगढ़ का कहना है कि कोई और धारा लगती है तो ज़रूर लगाएंगे. हम एक-एक कैमरा की फ़ुटेज देख रहे हैं. हमने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ा. 

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हालांकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि इसे व्यक्तिगत मामले की तरह देखना चाहिए,  हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष से इसका कोई लेना देना नहीं है.  खट्टर का कहना है कि क़ानून अपना काम करेगा.  
कांग्रेस भी इस मामले में कूद पड़ी है. पार्टी ने आज आरोप लगाया कि इस घटना से जुड़े पांच सीसीटीवी कैमरों के फुटेज गायब हैं. वहीं हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष बेटे और उसके एक साथी को थाने से ही ज़मानत दिए जाने और इस मामले में अपहरण की धाराएं न लगाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. 

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पीड़ित लड़की का आरोप है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उनकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की. दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. पुलिस का कहना है कि अपहरण का आरोप इसलिए नहीं लगाया गया क्योंकि लड़की के अपने बयान में ये आरोप नहीं लगाया है.


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