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चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामला : विकास बराला और आशीष को क्राइम सीन पर ले गई पुलिस

सूत्रों के मुताबिक- क्राइम सीन के मुआयने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए ले गई. इससे पहले गुरुवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था.

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चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामला : विकास बराला और आशीष को क्राइम सीन पर ले गई पुलिस

विकास बराला दो दिन की पुलिस रिमांड पर

चंडीगढ़:

गिरफ्तार हो चुके छेड़खानी और अपहरण के आरोपी विकास बराला और आशीष को बीती रात क्राइम सीन पर ले गई, जिनमें चंडीगढ़ सेक्टर 7 का पेट्रोल पंप, सेक्टर 9, ट्रांसपोर्ट लाइट्स, रेलवे लाइट्स, कालाग्राम लाइट्स, हाउसिंग बोर्ड चौक और मध्य मार्ग का इलाक़ा है. सूत्रों के मुताबिक- क्राइम सीन के मुआयने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए ले गई. इससे पहले गुरुवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था.

पढ़ें: चंडीगढ़ के बाद अब गुरुग्राम में पीछा करने का मामला : कार में मौजूद लड़के चिल्लाते रहे, रोकते रहे...

शुरुआत में विकास बराला को बचाने की कोशिश का आरोप झेल रही चंडीगढ़ पुलिस ने भारी दबाव के बीच दोनों के खिलाफ अपहरण की कोशिश की गैर-जमानती धाराएं जोड़ दीं.  चंडीगढ़ के आईजी का कहना है कि जो 6 सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, उससे पता चलता है कि वे वर्णिका की कार का पीछा कर रहे थे. अब हमारे पास इस केस से जुड़े काफ़ी सबूत हैं. वर्णिका की कार का पीछा करने की घटना सीसीटीवी में क़ैद है. विकास और उसके साथी ने गाड़ी से वर्णिका का पीछा किया था.


उन्होंने पहले पीड़िता वर्णिका कुंडू का पीछा किया और फिर उसकी कार को रोककर अपहरण करने की कोशिश की है. वर्णिका कुंडू हरियाणा काडर के आईएएस की बेटी हैं. यह घटना शुक्रवार को हुई थी. इस मामले में पुलिस पर आरोप है कि पहले तो उसने आईएएस अधिकारी की बेटी से जुड़ा मामला होने की वजह से तेजी दिखाई और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया लेकिन जब उसे पता चला कि आरोपियों में से एक बीजेपी नेता का बेटा है तो पुलिस ने मामले में ढील दे दी और दोनों पर मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद जमानत दे दी.

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बेटे की सजा पिता को नहीं दी जा सकती
इसके बाद यह मामला मीडिया में जोर-शोर से उछाला गया और राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस हमलावर हो गई और बीजेपी पर सुभाष बराला के बेटे को बचाने का आरोप लगाया. धीरे-धीरे इस मामले में सियासत तेज हो गई. वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि सुभाष बराला को उनके बेटे के अपराध के लिए सजा नहीं दी जा सकती है जबकि हरियाणा बीजेपी के उपाध्यक्ष ने तो कह दिया कि बेटियों को देर रात घर से निकलना ही नहीं चाहिए.

पिता ने भी अपील
हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष के बेटे ने जिस लड़की का कथित तौर पर पीछा किया था, उसके आईएएस अधिकारी पिता ने सोशल मीडिया पर लोगों से आह्वान किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों से लड़ाई लड़ें उन्होंने अपने परिवार की व्यथा भी साझा की है.



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