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ISRO ने चंद्रयान-2 को लेकर किया यह Tweet, 'भारतीयों की आशाओं और सपनों से प्रेरित होकर...'  

इसरो (ISRO) ने चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) के चांद पर लैंडिंग के दौरान लैंडर विक्रम (Lander Vikram) के साथ संपर्क खोने के बाद देश भर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है.

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ISRO ने चंद्रयान-2 को लेकर किया यह Tweet, 'भारतीयों की आशाओं और सपनों से प्रेरित होकर...'  

ISRO ने चंद्रयान-2 मिशन के लिए मिले समर्थन के लिए देशवासियों का आभार जताया.

खास बातें

  1. चंद्रयान-2 मिशन को मिले समर्थन के लिए इसरो ने आभार जताया
  2. इसरो ने ट्वीट कर कहा- 'हमारे साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद
  3. 'भारतीयों की आशाओं और सपनों से प्रेरित होकर आगे बढ़ते रहेंगे!'
नई दिल्ली:

इसरो (ISRO) ने इस महीने की शुरुआत में अपने महत्वाकांक्षी चंद्रमा मिशन, चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) के चांद पर लैंडिंग के दौरान लैंडर विक्रम (Lander Vikram) के साथ संपर्क खोने के बाद देश भर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है. इसरो (ISRO) ने ट्वीट किया, 'हमारे साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद. हम दुनिया भर में भारतीयों की आशाओं और सपनों से प्रेरित होकर आगे बढ़ते रहेंगे!' बता दें कि 'विक्रम' का 6-7 की दरम्यानी रात को 'सॉफ्ट लैंडिंग' के प्रयास के अंतिम क्षणों में उस समय इसरो के कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था जब यह चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था.


हालांकि भारत और विदेशों में ऐतिहासिक मून लैंडिंग प्रयास की सराहना की गई थी. पीएम मोदी भी इसरो के नियंत्रण कक्ष में थे, जब इसरो से विक्रम लैंडर का संपर्क टूट गया था. संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित भी किया था.

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प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों का न सिर्फ हौसला बढ़ाया बल्कि उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ हूं और पूरा देश आपके साथ है. पीएम मोदी जब बेंगलुरु के स्पेस सेंटर से बाहर निकल रहे थे तो इसरो अध्यक्ष के सिवन को उन्होंने गले लगा लिया और इस दौरान काफी भावुक हो गए. पीएम मोदी ने इसरो अध्यक्ष को काफी समय तक गले लगाए रखा और उनका हौसला बढ़ाया.

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उधर, विक्रम लैंडर (Vikram Lander) से संपर्क करने के लिए अब नासा (NASA) भी इसरो की मदद कर रही है. इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) विक्रम को रेडियो सिग्नल भेज रही है. इसरो के एक अधिकारी ने बताया, 'चंद्रमा के विक्रम के साथ संचार लिंक फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. यह प्रयास 20-21 सितंबर तक किए जाएंगे, जब सूरज की रोशनी उस क्षेत्र में होगी, जहां विक्रम उतरा है.'

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