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Cyclone Fani: दक्षिण भारत पर मंडराया 'फेनी चक्रवात' का संकट, 145 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

Cyclone Fani Update: मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों में भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिणपश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की गति बढ़कर अधिकतम 145 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है.

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Cyclone Fani: दक्षिण भारत पर मंडराया 'फेनी चक्रवात' का संकट, 145 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

Fani Cyclone: प्रतिकात्मक तस्वीर

चेन्नई:

Cyclone Fani: भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव वाला क्षेत्र शनिवार को एक चक्रवाती तूफान ‘फेनी' में तब्दील हो गया जो आगे ‘गंभीर चक्रवाती तूफान' में तब्दील होगा. भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग के अनुसार चक्रवात फेनी के 30 अप्रैल की शाम में उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंचने की संभावना है. चक्रवात फेनी (Cyclone Fani) वर्तमान में पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और पास के दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है.

भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘हमारे आकलन के अनुसार, आज की स्थिति के अनुसार यह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटों के पास पहुंच जाएगा, लेकिन इसके उससे टकराने की संभावना नहीं है. तट पर पहुंचने से पहले यह मुड़ सकता है. हम इसके रास्ते पर नजर रखे हुए हैं.' महापात्र चक्रवात (Cyclone Fani) चेतावनी प्रभाग के प्रमुख भी हैं.

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चेन्नई में क्षेत्रीय चक्रवात (Cyclone Fani) चेतावनी केंद्र के निदेशक एस बालचंद्रन ने कहा कि ‘फेनी' के अगले 24 घंटे में एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के सुझाव पर तूफान का नाम ‘फेनी' रखा गया है. केरल में छिटपुट स्थानों पर 29 और 30 अप्रैल को भारी वर्षा होने की संभावना है. 30 अप्रैल और एक मई को उत्तर तटीय तमिलनाडु और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है. भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि 28 अप्रैल से श्रीलंका, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटों से लगे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है. विभाग ने श्रीलंका, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटों के मछुआरों को सलाह दी है कि वे समुद्र में न उतरें.

मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों में भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिणपश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की गति बढ़कर अधिकतम 145 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है. इन क्षेत्रों में समुद्र बहुत ऊंची लहरें उठ रही थीं. भारतीय मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी कि वे 27 अप्रैल से एक मई के बीच श्रीलंका, पुडुचेरी, तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों से समुद्र में न उतरें.

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